मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने बाजार से 2800 करोड़ रुपये का नया कर्ज जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में राज्य के वित्त विभाग ने राज्य विकास ऋण यानी स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के माध्यम से बॉन्ड जारी करने की अधिसूचना जारी की है. सरकार यह राशि दो अलग-अलग चरणों में जुटाएगी, जिसमें 1600 करोड़ रुपये और 1200 करोड़ रुपये के बॉन्ड शामिल होंगे. इस कदम का उद्देश्य विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है.
वित्त वर्ष में कर्ज का आंकड़ा बढ़कर 13,800 करोड़ रुपये
इस नई उधारी के बाद चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 13,800 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा. वहीं प्रदेश पर कुल बकाया कर्ज का आंकड़ा बढ़कर लगभग 5.02 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है. सरकार का कहना है कि विकास कार्यों को गति देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए यह वित्तीय व्यवस्था की जा रही है.
दो अलग-अलग अवधि के बॉन्ड होंगे जारी
वित्त विभाग के अनुसार सरकार 7.64 प्रतिशत ब्याज दर वाले मध्यप्रदेश एसजीएस-2034 के री-इश्यू के जरिए 1600 करोड़ रुपये जुटाएगी. इस बॉन्ड की अवधि 8 वर्ष निर्धारित की गई है और इसका ब्याज हर वर्ष 29 अप्रैल तथा 29 अक्टूबर को निवेशकों को दिया जाएगा. इसके अलावा 7.83 प्रतिशत ब्याज दर वाले मध्यप्रदेश एसजीएस-2048 के माध्यम से 1200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जुटाई जाएगी. इस बॉन्ड की अवधि 22 वर्ष होगी. दोनों बॉन्ड की नीलामी entity["organization","Reserve Bank of India","India's central bank"] की ई-कुबेर प्रणाली के जरिए कराई जाएगी.
विकास और अधोसंरचना परियोजनाओं पर होगा खर्च
राज्य सरकार के मुताबिक बॉन्ड से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग विभिन्न विकास योजनाओं और अधोसंरचना परियोजनाओं में किया जाएगा. इसके लिए केंद्र सरकार से आवश्यक स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस धनराशि का इस्तेमाल सड़क निर्माण, सिंचाई योजनाओं, बिजली व्यवस्था, जल संसाधन विकास, संचार सुविधाओं और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में किया जा सकता है. इससे प्रदेश में विकास कार्यों की गति तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है.
कुल कर्ज 5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचने का अनुमान*
सरकारी वित्तीय दस्तावेजों के अनुसार 31 मार्च 2026 तक मध्यप्रदेश पर कुल कर्ज 4.88 लाख करोड़ रुपये से अधिक था. सरकार का दावा है कि अब तक लिए गए ऋण का उपयोग सिंचाई, ऊर्जा, सहकारी संस्थाओं और अन्य पूंजीगत विकास कार्यों में किया गया है. अब 2800 करोड़ रुपये की नई उधारी के बाद राज्य का कुल कर्ज बढ़कर करीब 5.02 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. आने वाले समय में सरकार इस राशि का उपयोग विकास योजनाओं को गति देने और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए करेगी.









