उज्जैन। भगवान महाकाल की शाही सवारी की तैयारियों के बीच श्यामू हथिनी की सेहत चर्चा का विषय बन गई है। एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद श्यामू को कम से कम एक महीने तक आराम देने की सलाह दी है। वहीं हथिनी के मालिक ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि श्यामू पूरी तरह स्वस्थ है।
डॉक्टरों ने दी आराम की सलाह
सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी के निर्देश पर पन्ना टाइगर रिजर्व और उज्जैन के विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने श्यामू हथिनी का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि हथिनी के पिछले पैरों में समस्या पाई गई है, जिसके कारण उसे अधिक चलाना या लंबे समय तक खड़ा रखना जोखिम भरा हो सकता है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार श्यामू को फिलहाल एक महीने तक निगरानी में रखकर उपचार दिया जाएगा। साथ ही उसकी विस्तृत मेडिकल जांच भी कराई जाएगी।
पैरों में मिली गंभीर समस्या
एक्सपर्ट की जांच में पता चला कि श्यामू के पिछले पैरों में वल्गम डिफॉर्मिटी विकसित हो रही है। इस स्थिति में पैरों का आकार प्रभावित होता है और चलने में परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा हथिनी का वजन भी सामान्य से ज्यादा पाया गया है।
डॉक्टरों का मानना है कि समय पर इलाज और पर्याप्त आराम मिलने से उसकी स्थिति में सुधार हो सकता है।

महाकाल की सवारी में शामिल होने पर संशय
श्यामू हथिनी वर्षों से महाकाल की शाही सवारी का प्रमुख आकर्षण रही है। लेकिन मौजूदा स्वास्थ्य रिपोर्ट के बाद उसकी आगामी सवारी में भागीदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
वन विभाग, डॉक्टरों और हथिनी के मालिक के अलग-अलग दावों के बीच अब अंतिम फैसला आगामी स्वास्थ्य रिपोर्ट और उपचार की प्रगति के आधार पर लिया जाएगा।
मालिक ने उठाए सवाल
दूसरी ओर श्यामू के मालिक और महावत सरमन गिरि ने डॉक्टरों की रिपोर्ट पर असहमति जताई है। उनका कहना है कि हथिनी पूरी तरह स्वस्थ है और उसे जानबूझकर बीमार बताया जा रहा है।
सरमन गिरि का कहना है कि श्यामू को लगातार एक ही स्थान पर रखना उसकी मानसिक स्थिति पर असर डाल सकता है। उन्होंने मांग की है कि उसे रोजाना कुछ समय खुले क्षेत्र में घूमने की अनुमति दी जाए।
ये खबर भी पढ़ें..









