उज्जैन/कमलेश जाटवा/खबर डिजिटल/ महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से अब कर्मचारियों के साथ-साथ पुजारी, पुरोहित और उनके प्रतिनिधि भी एक समान ड्रेस में नजर आएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
सबके लिए ड्रेस कोड होगा अनिवार्य
समिति के अनुसार मंदिर परिसर में सेवा देने वाले सभी अधिकृत लोगों, चाहे वे मंदिर कर्मचारी हों, पुजारी, पुरोहित हों या उनके सहायक, सबके लिए ड्रेस कोड और आईडी कार्ड अनिवार्य किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत ड्यूटी के समय सभी को अपना अधिकृत आईडी कार्ड गले में पहनना जरूरी होगा, जिससे पहचान स्पष्ट रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था रोकी जा सके।
अधिकृत कर्मचारी की होगी पहचान
मंदिर प्रबंधन का कहना है कि अक्सर भीड़भाड़ के कारण श्रद्धालुओं को यह पहचानने में कठिनाई होती थी कि कौन अधिकृत कर्मचारी है और कौन नहीं। एक समान ड्रेस और अनिवार्य आईडी कार्ड से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। समिति ने बताया कि नई ड्रेस कोड प्रणाली लागू होने के बाद अवैध रूप से घूमने वाले व्यक्तियों पर भी आसानी से नियंत्रण किया जा सकेगा।









