जबलपुर। मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर में प्रशासन ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा के मोर्चे पर एक सख्त कदम उठाया है। रांझी थाना क्षेत्र के अंतर्गत गत 25 तारीख को भंडारा बांटने के दौरान हुई पारस यादव की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समीर वंशकार के अवैध निर्माण को नेस्तनाबूद कर दिया है। जिला प्रशासन, रांझी थाना पुलिस और नगर निगम के अतिक्रमण रोधी दस्ते ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे अपराधियों और असामाजिक तत्वों के बीच हड़कंप मच गया है।
घटना से सहम गया था पूरा इलाका
यह पूरा मामला जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र का है, जहां 25 तारीख को एक धार्मिक और सामाजिक आयोजन के दौरान भंडारा बांटा जा रहा था। इसी दौरान असामाजिक तत्वों और मुख्य आरोपी समीर वंशकार ने पारस यादव पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस हत्याकांड के बाद से ही पूरे क्षेत्र में शोक और भारी आक्रोश का माहौल था। स्थानीय नागरिकों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, और वे लगातार प्रशासन से मुख्य आरोपी तथा उसके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।


पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
जनता के भारी आक्रोश और कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती। आज सुबह भारी पुलिस बल, रांझी थाना प्रभारी, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और अतिक्रमण रोधी दस्ते के साथ अमला मौके पर पहुंचा। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्य आरोपी समीर वंशकार द्वारा सरकारी और अवैध भूमि पर बनाए गए मकान पर बुलडोजर चलाया गया। कुछ ही घंटों में अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि कानून के हाथ बहुत लंबे हैं और जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जनता की प्रतिक्रिया
इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र की जनता ने खुलकर राहत की सांस ली है और प्रशासन के इस कदम पर संतोष जताया है। स्थानीय लोगों ने जबलपुर के लोकप्रिय विधायक अशोक रोहाणी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। गौरतलब है कि घटना के तुरंत बाद विधायक अशोक रोहाणी ने कड़े शब्दों में यह चेतावनी दी थी कि इस जघन्य हत्याकांड के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। विधायक की इसी प्रतिबद्धता और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के परिणामस्वरुप आज आरोपी के अवैध घर पर बुलडोजर चलाकर न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।
प्रशासन द्वारा की गई इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से न केवल अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं, बल्कि आम जनता का कानून और व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होता है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और सह-आरोपियों की भी गंभीरता से जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों को जल्द से जल्द न्यायालय के माध्यम से सजा दिलाई जा सके।









