सौरभ श्रीवास्तव खबर डिजिटल न्यूज़ कटनी
कटनी - छिंदवाड़ा जिले के परासिया में ज़हरीली कफ़ सिरप से मरने वाले मासूम बच्चों की संख्या अब 20 पहुँच चुकी है। यह दर्दनाक हादसा नहीं बल्कि सरकार की घोर लापरवाही का परिणाम है — यह आरोप जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने लगाया।उन्होंने बताया कि इस हृदय विदारक घटना के विरोध में जिला शहर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में स्थानीय साधुराम स्कूल से सुभाष चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया, जहाँ मासूम बच्चों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की माँग की गई।अमित शुक्ला ने कहा —“यह सिर्फ़ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का नतीजा है। माता-पिता अपने बच्चों को खो चुके हैं और सरकार सफाई देने में व्यस्त है। स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक किसी ने नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली। जनता पूछ रही है — जवाब कौन देगा?”उन्होंने कहा कि अगर सरकार समय पर सतर्क होती, तो इतनी मौतें नहीं होतीं। 20 परिवारों के उजड़ जाने के बाद भी सरकार की संवेदनाएँ नहीं जगीं, जिससे यह स्पष्ट है कि सत्ता संवेदनहीन हो चुकी है।राष्ट्रीय प्रवक्ता सौम्या रांधेलिया ने कहा कि 20 मासूमों की मौत के बाद भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। अगर जांच समय पर होती तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। कांग्रेस पार्टी की मांग है कि मृतक बच्चों के परिजनों को ₹1 करोड़ का मुआवज़ा दिया जाए।प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव रजनी वर्मा ने कहा कि जांच में यह सामने आया है कि इंदौर की एक दवा फैक्ट्री में फंगस वाले पानी से कफ सिरप तैयार किया जा रहा था। उन्होंने कहा —“सोचिए, जिस पानी को कोई घर में छूना भी पसंद न करे, उससे बच्चों की दवा बनाई जा रही थी। फिर भी सरकार की निगरानी व्यवस्था बेपरवाह बनी रही।”पूर्व अध्यक्ष करण सिंह चौहान ने कहा कि कटनी के सरकारी अस्पतालों में भी अव्यवस्थाएँ जारी हैं। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश जैन ने भाजपा सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर बताया।कैंडल मार्च में कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष रामनरेश त्रिपाठी, इंटक अध्यक्ष बी.एम. तिवारी, वरिष्ठ नेता राजा जगवानी, पार्षद मौसुफ अहमद बिट्टू, अरुण कन्नौजिया मामा, प्रशांत जायसवाल, सुरेंद्र मोहन मिश्रा, ललित सोनी, रंजीत सिंह, राजेश जाटव, काशी नायडू, जॉर्ज डेविड, विनीत जायसवाल, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।









