जबलपुर/खबरडिजिटल/महेश तिवारी/ देश में स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चिंता सामने आ रही है। आज पूरे भारत में दवा व्यापारियों और केमिस्टों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की है। इस हड़ताल का मुख्य कारण ऑनलाइन दवाओं की आड़ में हो रहा नकली और नशीली दवाओं का अवैध कारोबार है। दवा संगठनों का आरोप है कि कोविड के समय शुरू की गई ऑनलाइन दवा सप्लाई की व्यवस्था का अब गलत फायदा उठाया जा रहा है, जिससे आम जनता की जान खतरे में है।
देश भर में बुधवार को दवाइयों के बाजार पूरी तरह से बंद रहे। केमिस्टों और दवा व्यवसाइयों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दवा संगठनों का कहना है कि कोरोना काल में लोगों की सहूलियत के लिए शुरू की गई ऑनलाइन दवाओं की डिलीवरी आज एक बड़ा सिरदर्द बन चुकी है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की आड़ में न केवल धड़ल्ले से नकली दवाइयां बेची जा रही हैं, बल्कि युवाओं को नशीली दवाइयां और कफ सिरप भी आसानी से घर-घर पहुंचाए जा रहे हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए जेसीडीए के उपाध्यक्ष डॉक्टर रमाकांत रावत ने बताया कि आज ऑल ओवर इंडिया में दवा व्यवसाय बंद हैं और उसका मुख्य कारण यह है कि सरकार ने कोविड के समय पर ऑनलाइन दवा भेजने की व्यवस्था करवाई थी, क्योंकि उस समय आदमी अपने घर से नहीं निकल पाता था। किंतु आज की स्थिति में ऑनलाइन की आड़ में पूरी नकली दवाइयां सप्लाई हो रही हैं, पूरी नशीली दवाइयां सप्लाई हो रही हैं, जिससे आम आदमी के लिए वह घातक है। अभी कुछ दिन पहले हमारे ड्रग इंस्पेक्टर महोदय ने एबॉर्शन किट पकड़ी थी, पेपरों में आया भी था।
हम ऑनलाइन का इसलिए विरोध करते हैं कि ऑनलाइन के माध्यम से आज आम जनता के बीच में भ्रमित करके नकली दवाइयों का जो भंडार, करोड़ों रुपयों का देश में पकड़ा जाता है, वह नकली दवाइयां भी ऑनलाइन के माध्यम से सप्लाई कर दी जाती हैं… इस पे भी अगर सरकार नहीं चेतती है, तो आने वाले कल में ऑल इंडिया के दम पर हम फिर से तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे और अगर इसमें भी सरकार नहीं मानती है, तो फिर हम इसको अनिश्चितकालीन करेंगे।









