Mohan Cabinet Reshuffle: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के आगामी मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर एक और बड़ी खबर सूत्रों के हवाले से आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री मोहन यादव की दिल्ली में हुई सीक्रेट मीटिंग के बाद जहां एक तरफ 3 नए चेहरों की एंट्री का रास्ता साफ हुआ है, वहीं दूसरी तरफ वर्तमान कैबिनेट से कुछ कद्दावर और दिग्गज मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाए जाने की अंदरूनी खबरें बाहर आ रही हैं।
इन 4 मंत्रियों पर लटकी तलवार
भाजपा के विश्वसनीय सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, हाईकमान इस बार परफॉर्मेंस और संगठन की नई रणनीति के आधार पर कुछ बड़े और चौंकाने वाले फैसले लेने जा रहा है। संभावित फेरबदल की इस लिस्ट में जिन 4 प्रमुख मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर किए जाने की अटकलें हैं, उनके नाम राजनैतिक गलियारों में तहलका मचा रहे हैं।
कैलाश विजयवर्गीय: इंदौर अंचल के सबसे कद्दावर नेता और वर्तमान नगरीय प्रशासन मंत्री को संगठन में किसी राष्ट्रीय स्तर की बड़ी जिम्मेदारी देकर कैबिनेट से मुक्त किया जा सकता है।
प्रहलाद पटेल: महाकौशल और बुंदेलखंड के कद्दावर लोधी चेहरा और वर्तमान श्रम व पंचायत मंत्री को भी कैबिनेट से बाहर रख सांगठनिक मोर्चे पर तैनात करने के कयास हैं।
दिलीप अहिरवार: राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार के कामकाज और क्षेत्रीय समीकरणों को देखते हुए उनकी कुर्सी पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
राधा रवींद्र सिंह: महिला चेहरों के समीकरणों में फेरबदल के तहत राधा सिंह को भी मंत्री पद से हटाकर संगठन के काम में लगाए जाने की चर्चाएं तेज हैं।
नरोत्तम, भार्गव और रामेश्वर के नाम तय
एक तरफ जहां 4 बड़े मंत्रियों की विदाई की स्क्रिप्ट तैयार हो रही है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली दरबार में 3 नए मंत्रियों को शामिल करने के फॉर्मूले पर पूर्ण सहमति बन चुकी है। सूत्रों के अनुसार, दतिया विधानसभा उपचुनाव में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का भाजपा प्रत्याशी के रूप में उतरना तय हो चुका है। रणनीति के तहत उपचुनाव जीतते ही उन्हें सीधे मोहन कैबिनेट में हैवीवेट मंत्रालय सौंपा जाएगा। वही विंध्य-बुंदेलखंड को साधने के लिए सबसे सीनियर विधायक गोपाल भार्गव और भोपाल अंचल से अपनी हिंदूवादी छवि के लिए जाने जाने वाले विधायक रामेश्वर शर्मा को भी इस नए विस्तार में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है।
उपचुनाव के बाद होगा विस्तार!
राजनैतिक सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री मोहन यादव इस बड़े फेरबदल को दतिया उपचुनाव के ठीक बाद अमलीजामा पहनाएंगे। दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने पेश की गई इस नई रणनीति का मुख्य उद्देश्य आगामी समय के लिए संगठन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करना और सत्ता के अंदर मचे घमासान को समाप्त करना है। बहरहाल, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल जैसे दिग्गजों को कैबिनेट से बाहर किए जाने की इन अटकलों ने प्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी है। फिलहाल तीनों मंत्रियों को कैबिनेट से हटाए जाने की कोई अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। खबर दिल्ली सूत्रों के हवाले से है।









