मुरैना/शुभम कुलश्रेष्ठ/खबर डिजिटल/ जिला चिकित्सालय से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में प्रसव के लिए आई एक गर्भवती महिला के परिजनों से खुलेआम रिश्वत की मांग की गई। परिजनों का कहना है कि अस्पताल स्टाफ द्वारा साफ शब्दों में कहा गया कि यदि 5 हजार रुपये नहीं दिए गए, तो सामान्य डिलीवरी नहीं कराई जाएगी और ऑपरेशन के लिए मजबूर किया जाएगा।
नर्सों के पैर छुए, मिन्नतें कीं, फिर भी नहीं पसीजा दिल
पीड़ित परिजनों के अनुसार, उन्होंने नर्सों और कर्मचारियों से हाथ जोड़कर गुहार लगाई, यहां तक कि पैर भी छुए, लेकिन इसके बावजूद किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। स्टाफ द्वारा डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया गया है, जिससे गर्भवती महिला मानसिक तनाव में आ गई।
सरकारी अस्पताल में अवैध वसूली का आरोप
परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जहां निःशुल्क इलाज मिलना चाहिए, वहीं डिलीवरी जैसी संवेदनशील प्रक्रिया के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं। इस घटना ने जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब यह देखना अहम होगा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।









