मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण पगारा बांध का जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है. शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे तक बांध में पानी का स्तर 653.00 फीट दर्ज किया गया. बांध की अधिकतम भराव क्षमता 654.00 फीट बताई गई है. ऐसे में बांध लगभग भरने की स्थिति में पहुंच चुका है और अब जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी भी प्रशासन के लिए चिंता बढ़ा सकती है. फिलहाल बांध में करीब 96.45 प्रतिशत पानी भर चुका है.
जलग्रहण क्षेत्र में बारिश से बढ़ी चिंता
प्रशासन के अनुसार पगारा बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है. मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में बांध में पानी की आवक और तेज होने की संभावना जताई गई है. बांध के स्वचालित गेटों के खुलने का निर्धारित स्तर 655.3 फीट है. यदि पानी इस स्तर तक पहुंचता है, तो बांध के छह ऑटोमैटिक गेट क्रमवार अपने आप खुलने लगेंगे.
इसके अलावा आसन नदी के कैचमेंट एरिया में भी बारिश का दौर जारी है. इससे नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है. नदी और बांध में पानी बढ़ने की स्थिति में बहाव वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है. इसी वजह से प्रशासन ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है.
32 गांवों को किया गया अलर्ट
पगारा बांध से निकलने वाले पानी के संभावित बहाव क्षेत्र में आने वाले 32 गांवों के लोगों को प्रशासन की ओर से सूचना दे दी गई है. इन गांवों में पई, नरहेला, बिचपुरी, सिघौरा, घसटुआ, जिन्दपुरा, घूघस, पन्नू का पुरा, गदाल का पुरा, झोड़ का पुरा, चिरायतनी, गुढ़ा आसन, देवरी, रपटापुरा, मुदावली, राजघाट का पुरा, डोंगरपुरा, ककरधा, खेरा, बड़ौना, दुल्हैनी, पहावली, जरैना, सिलायथा, खनेता, घुरैयाबसई, गढ़ीखेड़ा, डाबी का पुरा, भवनपुरा, जनवेद का पुरा, सामले का पुरा और छौंदा शामिल हैं.
नदी और बांध के पास नहीं जाने की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों से मौसम और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है. लोगों को खास तौर पर नदी, नालों और बांध के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है. प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बचना जरूरी है.
बांध का पानी निर्धारित स्तर तक पहुंचने की स्थिति में स्वचालित गेट खुलने के बाद नदी में बहाव बढ़ सकता है. ऐसे में बहाव वाले गांवों के लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.









