भोपाल। मध्य प्रदेश की करीब 96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वर्ष 2019 से 2023 तक का रुका हुआ करीब 1400 करोड़ रुपये का एरियर जल्द भुगतान किया जाए। इसके साथ ही सरकार को पहले कम किए गए अपने अंशदान (कंट्रीब्यूशन) को भी दोबारा लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
साल 2018 में केंद्र सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने अपने हिस्से का अंशदान कम कर दिया, जिससे कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाली राशि प्रभावित हुई। इस फैसले के विरोध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संगठन हाईकोर्ट पहुंचा और सरकार के निर्णय को चुनौती दी।
2019 से 2023 तक मिलेगा एरियर
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वर्ष 2019 से 2023 तक का चार साल का बकाया एरियर दिया जाएगा। हालांकि, इस राशि पर 6 प्रतिशत ब्याज के भुगतान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
सिंगल बेंच के फैसले में किया गया बदलाव
इससे पहले हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सरकार को 120 दिनों के भीतर 6 प्रतिशत ब्याज के साथ पूरी राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था। अब नए आदेश में एरियर और राज्य सरकार के अंशदान को बहाल रखने का फैसला कायम रखा गया है, लेकिन ब्याज देने के निर्देश पर रोक लगा दी गई है।
हजारों कार्यकर्ताओं को मिलेगी राहत
हाईकोर्ट के इस फैसले से प्रदेश की करीब 96 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित एरियर भुगतान का रास्ता साफ होने के बाद कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है।
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