भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में ग्रामीण परिवारों के लिए कुक्कुट पालन को आय का अतिरिक्त जरिया बनाने के उद्देश्य से बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को कम लागत में घर के आसपास ही मुर्गी पालन शुरू करने का अवसर दिया जाता है। जिसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया गया है।
75 प्रतिशत तक अनुदान
योजना के अंतर्गत हितग्राही को 40 चूजे उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके जरिए ग्रामीण परिवार छोटे स्तर से कुक्कुट पालन शुरू कर अंडे और मांस के उत्पादन से अतिरिक्त आमदनी हासिल कर सकते हैं। योजना में हितग्राही को निर्धारित अंशदान के रूप में करीब 556 रुपए खर्च करने होते हैं। वहीं, शेष लागत पर सरकार की ओर से 75 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान बताया गया है। इससे कम पूंजी में ग्रामीण परिवार कुक्कुट पालन की शुरुआत कर सकते हैं।
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पशुपालन विभाग से मिलेगी जानकारी
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक ग्रामीण परिवार अपने क्षेत्र के पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं। विभाग से पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और योजना के तहत मिलने वाली सहायता की विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बैकयार्ड कुक्कुट पालन का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर छोटे पशुपालकों को आय का वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराना है। हालांकि, लाभ लेने से पहले स्थानीय विभाग से योजना की वर्तमान शर्तों और उपलब्धता की पुष्टि करना जरूरी होगा।
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