सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय देश के नए हाईवे प्रोजेक्ट्स में आधुनिक तकनीक को तेजी से शामिल कर रहा है. अब सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि टोल प्लाजा का स्वरूप भी बदलने जा रहा है.
बैरियर फ्री टोल सिस्टम
हाल ही में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के सूरत सेक्शन पर बैरियर फ्री टोल सिस्टम लागू किया गया है और इसी मॉडल को अब अन्य हाईवे पर भी अपनाने की तैयारी चल रही है. मध्य प्रदेश में इंदौर खंडवा और हरदा हाईवे पर बन रहे टोल प्लाजा इसी नई तकनीक के अनुसार तैयार किए जा रहे हैं.
क्या है बैरियर फ्री टोल सिस्टम की खासियत
इन नए टोल प्लाजा की खास बात यह है कि इन्हें पहले की तुलना में छोटा और ज्यादा सुविधाजनक बनाया जा रहा है. हरदा हाईवे पर खुड़ैल और खंडवा के बड़वाह के पास बनने वाले टोल पर यात्रियों को यह बदलाव साफ नजर आएगा. पारंपरिक टोल की तरह हर लेन में अलग कैबिन बनाने की जरूरत अब खत्म की जा रही है. इसकी जगह ऊपर गेंट्री सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जहां कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे.
शुरुआत में इन टोल प्लाजा पर बैरियर और कैबिन रहेंगे, लेकिन भविष्य में इन्हें पूरी तरह बैरियर फ्री किया जा सकेगा. इस बदलाव के लिए ज्यादा निर्माण या तोड़फोड़ की जरूरत नहीं पड़ेगी. अधिकारियों के अनुसार, यह नई व्यवस्था कम जगह में तैयार की जा रही है, जिससे वाहनों की आवाजाही ज्यादा सुगम होगी और जाम की समस्या भी कम होगी.
फुटओवर ब्रिज भी बनाया जाएगा
टोल प्लाजा पर लोहे के एंगल से एक फुटओवर ब्रिज भी बनाया जा रहा है, जो सभी लेन को कवर करेगा. इसी संरचना पर कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे. फास्टैग के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा और गेट अपने आप खुल जाएगा. जरूरत पड़ने पर कर्मचारी इसी ब्रिज के जरिए किसी भी लेन तक आसानी से पहुंच सकेंगे.
टोल कटने की प्रक्रिया और भी स्मार्ट
आने वाले समय में जब यह सिस्टम पूरी तरह लागू हो जाएगा, तो टोल कटने की प्रक्रिया और भी स्मार्ट हो जाएगी. कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और फास्टैग से भुगतान अपने आप हो जाएगा. यह पूरी व्यवस्था परिवहन विभाग के पोर्टल से जुड़ी रहेगी. अगर किसी वाहन में फास्टैग नहीं होगा या उसमें बैलेंस नहीं होगा, तो इसकी जानकारी सीधे आरटीओ तक पहुंच जाएगी. ऐसी स्थिति में वाहन मालिक को बकाया राशि जमा करनी होगी, अन्यथा वाहन से जुड़े काम रुक सकते हैं.









