Sajjan Singh Yadav: मध्य प्रदेश भाजपा में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करने का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीआईपी कल्चर छोड़ने और ईंधन बचाने की अपील के खिलाफ जाने पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भिंड जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष सज्जन सिंह यादव पर गाज गिराई है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, हाल ही में भाजपा नेता सज्जन सिंह यादव ने शक्ति प्रदर्शन की कोशिश में पार्टी की गाइडलाइन को दरकिनार कर दिया था। सज्जन सिंह यादव करीब 500 वाहनों का विशाल काफिला लेकर ग्वालियर पहुंचे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार सादगी अपनाने और संसाधनों की बचत करने का संदेश दिया है, जिसका इस काफिले के जरिए सरेआम उल्लंघन किया गया। इस शक्ति प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही प्रदेश नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया और हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया।
कार्यकर्ताओं को सख्त चेतावनी
यह देशभर में अपनी तरह का पहला मामला माना जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री की अपील न मानने पर किसी पदाधिकारी पर बड़ी गाज गिरी है। इस कार्रवाई के जरिए प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि पार्टी की गाइडलाइन और प्रधानमंत्री के आदर्शों से ऊपर कोई नहीं है। जो भी पदाधिकारी अनुशासन की लक्ष्मण रेखा लांघेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश नेतृत्व अब उन अन्य नेताओं की भी सूची तैयार कर रहा है जिन्होंने सादगी के निर्देशों का पालन नहीं किया है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
बीजेपी की इस कार्रवाई के बाद भाजपा के अंदर और बाहर हड़कंप मचा हुआ है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि खंडेलवाल ने इस फैसले से पार्टी के अंदर कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी का संदेश दिया है। अब पार्टी के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता को यह समझ आ गया है कि पीएम मोदी के आह्वान को हल्के में लेना उनके राजनीतिक करियर पर भारी पड़ सकता है।










