मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी अब संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. इसी कड़ी में पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा का दौर शुरू हो गया है. पार्टी यह परख रही है कि जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं, वे उन्हें कितनी गंभीरता और प्रभावी तरीके से निभा रहे हैं.
सूत्रों के मुताबिक, बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगे चलकर नई जिम्मेदारियां और सम्मान मिल सकता है. वहीं, जो पदाधिकारी अपने दायित्वों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, उनके खिलाफ संगठन सख्त कदम उठा सकता है. पार्टी नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी आगे आने का अवसर देने की तैयारी में है.
डिजिटल रिपोर्टिंग पर भी दिया गया जोर
भाजपा संगठन ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लर्निंग डिजिटल प्लेटफॉर्म ऐप डाउनलोड करें और अपनी गतिविधियों व संगठनात्मक कार्यों की नियमित जानकारी उस पर अपडेट करें. इससे प्रत्येक पदाधिकारी के काम का रिकॉर्ड तैयार होगा और समीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सकेगी.
मासिक समीक्षा बैठक में हुई अहम चर्चा
भाजपा की मासिक समीक्षा बैठक में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. बैठक के दौरान संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई.
गैरहाजिर पदाधिकारियों पर नाराजगी
बैठक में कई मंडल अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी अनुपस्थित रहे. उनकी गैरमौजूदगी पर संगठन ने नाराजगी जताई. नगर अध्यक्ष मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि जो लोग लगातार बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने बताया कि ऐसे पदाधिकारियों की सूची तैयार की जा चुकी है जो नियमित रूप से बैठकों में शामिल नहीं होते. उन्होंने यह भी कहा कि संगठन अनुशासन के साथ आगे बढ़ेगा और कुछ लोगों की निष्क्रियता से पार्टी के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
बूथ और शक्ति केंद्रों की जानकारी भी नहीं दे पाए प्रभारी
बैठक के दौरान इंदौर नगर भाजपा प्रभारी राजेश सिंह सोलंकी ने मंडल प्रभारियों से उनके क्षेत्र के शक्ति केंद्रों और बूथों की संख्या के बारे में सवाल किए. हालांकि, कई प्रभारी सही जानकारी नहीं दे सके. इसे लेकर सोलंकी ने नाराजगी जाहिर की और संगठनात्मक तैयारी पर सवाल उठाए.
मौजूदा हालात को देखते हुए माना जा रहा है कि भाजपा अब केवल पद देने तक सीमित नहीं रहना चाहती. पार्टी सक्रिय, जिम्मेदार और परिणाम देने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है. वहीं, लंबे समय से निष्क्रिय पदाधिकारियों पर जल्द कार्रवाई हो सकती है.









