भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में सियासी हवा कुछ अलग चल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पद संभालने के बाद से वरिष्ठ नेता अलग राह पर चलते नजर आ रहे हैं। कई बार वरिष्ठ मंत्री ही कैबिनेट की बैठक में शामिल होते नजर नहीं आए, जबकि वे राजधानी भोपाल में रहने की अपनी तस्वीरें साझा करते दिखाई दिए। दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी अलग-अलग मुलाकातों का दौर चलता दिखाई दिया। इस स्थिति को ध्यान में रखकर पार्टी को एकजुट करने की नई कवायद शुरु की जा सकती है। पार्टी सूत्र इस और इशारा कर रहे हैं कि एकजुटता का संदेश देने के लिए सीनियर लीडर कई पृष्ठभूमि तैयार करने की दिशा तय करेंगे।
एमपी के सीनियर लीडर दिल्ली तलब!
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश के करीब एक दर्जन सीनियर नेताओं को एक साथ दिल्ली बुलाने की तैयारी चल रही है। जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद वीडी शर्मा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के । साथ पार्टी आलाकमान बैठक कर सकता है। पार्टी के इनमें शामिल नेताओं ने अलग-अलग पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की थी। जिनको अब एक साथ दिल्ली तलब करने की तैयारी चल रही है। जिसमें कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
दतिया उपचुनाव की हार का असर
मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद दतिया उपचुनाव हारने के बाद पार्टी को सोचने पर मजबूर कर दिया है, जबकि कई दिग्गजों ने प्रचार में जोर लगाया था। संघ से बीजेपी में आए आशुतोष तिवारी की हार को भगवा ब्रिगेड पचा नहीं पा रही है। संघ भी बीजेपी में मचे घमासान ने से नाराज नजर आ रहा है। जिसके परिणाम आने वाले वक्त में दिखाई दे सकते हैं। पार्टी संगठन इसको लेकर कई बड़े फैसले ले सकता है। जिसके चलते दिल्ली में आला नेताओं को बैठाकर कोई बड़ा फैसला लिया सकता है। जिसकी ओर पार्टी के अंदरुनी सूत्र इशारा कर रहे हैं।









