मध्यप्रदेश भाजपा में संगठन को मजबूत करने के लिए नियुक्तियों का सिलसिला एक बार फिर तेज हो गया है. राज्यसभा चुनाव और दतिया विधानसभा उपचुनाव के बाद पार्टी अब संगठन के अलग-अलग मोर्चों में नई जिम्मेदारियां बांट रही है. इसी क्रम में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के एक जिले में नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति की गई है.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति के बाद पार्टी ने अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्षों की नई सूची जारी की है. इसमें भिंड जिले की जिम्मेदारी शैलेंद्र रितोरिया को सौंपी गई है. संगठन ने उन्हें भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है.
भिंड में शैलेंद्र रितोरिया को मिली जिम्मेदारी
भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार शैलेंद्र रितोरिया अब भिंड जिले में अनुसूचित जाति मोर्चा की गतिविधियों और संगठनात्मक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे. पार्टी की कोशिश स्थानीय स्तर पर संगठन को ज्यादा सक्रिय बनाने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की है.
नई नियुक्ति के साथ ही भिंड जिले में अनुसूचित जाति मोर्चा को लेकर संगठन की गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है. जिलाध्यक्ष के तौर पर रितोरिया के सामने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी.

ST मोर्चा में भी हुई थी नियुक्तियां
भाजपा ने इसी दिन अनुसूचित जनजाति मोर्चा में भी दो जिलों के लिए नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की थी. प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से जारी सूची में शहडोल और रायसेन के नाम शामिल थे.
पार्टी ने शहडोल में राकेश कोल को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया है. वहीं रायसेन जिले में यह जिम्मेदारी राकेश उईके को दी गई है. दोनों नेताओं को अपने-अपने जिलों में अनुसूचित जनजाति मोर्चे को मजबूत करने का दायित्व सौंपा गया है.

चुनाव के बाद संगठन पर फोकस
राज्यसभा चुनाव और दतिया उपचुनाव के बाद मध्यप्रदेश भाजपा का संगठनात्मक गतिविधियों पर फोकस बढ़ता दिखाई दे रहा है. पार्टी लगातार अलग-अलग मोर्चों और संगठनात्मक इकाइयों में जिम्मेदारियां तय कर रही है.
भाजपा की रणनीति स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने के साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की है. आने वाले दिनों में पार्टी के अन्य मोर्चों और जिलों में भी नई नियुक्तियां होने की संभावना बनी हुई है.









