भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश भाजपा में इन दिनों प्रदेश मीडिया प्रभारी का पद चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी के पूर्व मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की राष्ट्रीय टीम में नियुक्ति के बाद करीब एक महीने से यह महत्वपूर्ण पद खाली पड़ा है। खास बात यह है कि अब तक संगठन इस पद के लिए किसी एक नाम पर अंतिम सहमति नहीं बना पाया है। जिसके चलते दावेदारों में कौतूहल का विषय बना हुआ है।
अभी तक नहीं लग पाई मुहर
दरअसल, आशीष अग्रवाल के राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभालने के बाद उनके स्थान की भरपाई करना भाजपा नेतृत्व के लिए आसान नजर नहीं आ रहा है। पार्टी संगठन, संघ और सरकार के स्तर पर कई नामों को लेकर मंथन हो चुका है। अलग-अलग दावेदारों के नाम पर चर्चा के साथ कई लोगों से संपर्क भी किया गया, लेकिन अभी तक किसी एक नाम पर मुहर नहीं लग सकी है।
मीडिया प्रभारी बनने की दौड़ में कई दावेदार
प्रदेश मीडिया प्रभारी के पद के लिए दावेदारों की लंबी सूची बताई जा रही है। इस बीच भाजपा के राजनीतिक गलियारों में एक दिलचस्प चर्चा भी है। कई लोग खुद को संभावित मीडिया प्रभारी के तौर पर पेश करते नजर आ रहे हैं। कुछ दावेदार तो नियुक्ति से पहले ही अपने स्तर पर बधाइयां तक स्वीकार करने लगे हैं।
नए चेहरे पर भी दांव
पार्टी के भीतर की स्थिति इससे अलग बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वर्तमान मीडिया टीम में शामिल सह प्रभारी और प्रदेश प्रवक्ताओं में से किसी एक को सीधे प्रदेश मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी देने को लेकर प्रदेश नेतृत्व फिलहाल उत्साहित नहीं है। संगठन एक नए चेहरे की तलाश में है, जो इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाल सके।
आशीष अग्रवाल की बनाई पहचान बनी चुनौती
भाजपा के भीतर चर्चा है कि बृजेश लुनावत के बाद आशीष अग्रवाल ऐसे मीडिया प्रभारी रहे, जिनके मीडिया जगत के साथ मजबूत और व्यापक संबंध थे। यही वजह है कि उनके बाद उसी स्तर का समन्वय स्थापित करने वाला चेहरा तलाशना संगठन के लिए चुनौती बना हुआ है। उनके विकल्प को लेकर बीजेपी पूरी तरह से सतर्क है।
अग्रवाल ने पाया बेहतर मुकाम
आशीष अग्रवाल की कार्यशैली की एक खासियत यह भी मानी जाती रही कि उन्होंने मीडिया कर्मियों के साथ किसी तरह का भेदभाव करने के बजाय सभी को समान महत्व देने की कोशिश की। मीडिया से उनके सहज संबंध और संगठन व सरकार के बीच बेहतर तालमेल को उनकी प्रमुख खूबियों में गिना जाता है।
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भोपाल और उज्जैन के कुछ मीडिया कर्मियों ने भी लगाई सिफारिश
इधर, चर्चा यह भी है कि भोपाल और उज्जैन में सक्रिय कुछ मीडिया कर्मियों ने भी भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी बनने की इच्छा जताते हुए अपने स्तर पर सिफारिशें लगाई हैं। पार्टी के अंदर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि इन नामों पर संगठन की ओर से कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
आगामी वक्त के लिए यह पद महत्वपूर्ण
फिलहाल भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो सरकार, संगठन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सके और पार्टी की मीडिया रणनीति को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके। अब नजर इस बात पर है कि संगठन आखिर किस नाम पर भरोसा जताता है और प्रदेश भाजपा के खाली पड़े मीडिया प्रभारी के पद की जिम्मेदारी किस नेता के हिस्से आती है।
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