MP BJP Action: मध्य प्रदेश भाजपा में अनुशासन और संगठन की गाइडलाइन को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला सामने आया है। गुना जिले में भारतीय जनता पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री चंद्रपाल किरार उर्फ बंटी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पद से हटाते हुए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। नेताजी की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश के भविष्य के मुख्यमंत्री को लेकर एक ऑनलाइन सर्वे पोस्ट कर दिया था, जिसे संगठन ने अनुशासन का उल्लंघन माना।
क्या था सोशल मीडिया पोस्ट?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला महामंत्री चंद्रपाल किरार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने एक सवाल पूछा था कि मध्य प्रदेश में साल 2028 में अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस सवाल के नीचे उन्होंने जनता की राय जानने के लिए दो ऑप्शन दिए थे, वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान नेताजी की इस पोस्ट के बाद बवाल मच गया। बीजेपी जैसी कैडर बेस पार्टी में जहां अभी वर्तमान सरकार का कार्यकाल चल रहा है, वहां अगले मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर इस तरह सरेआम सोशल मीडिया पर पोल कराना संगठन के नेताओं को बिल्कुल रास नहीं आया। जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों तक पहुंची, पार्टी के अंदर सुगबुगाहट तेज हो गई।
जिलाध्यक्ष का बड़ा एक्शन
पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए गुना भाजपा के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने कड़ा रुख अपनाया। वरिष्ठ नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद जिलाध्यक्ष ने चंद्रपाल किरार के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निष्कासन पत्र जारी कर दिया। निष्कासन पत्र में लिखा गया है कि उक्त पदाधिकारी को पूर्व में भी कई बार मौखिक और लिखित रूप से चेतावनी दी गई थीं, इसके बावजूद उनके द्वारा लगातार पार्टी की नीतियों और क्रेडिबिलिटी के खिलाफ बयानबाजी की जा रही थी, जो कि घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। संगठन की मर्यादा, सभ्यता और सौंपे गए दायित्वों के विपरीत आचरण करने के कारण, पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देशानुसार चंद्रपाल किरार को जिला महामंत्री के पद से मुक्त किया जाता है, साथ ही उनकी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता भी तत्काल प्रभाव से रद्द की जाती है।









