मध्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री बसों से सफर करने वाले लोगों को जल्द ही अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है. करीब पांच साल बाद बस किराये में संशोधन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस संबंध में अगले सप्ताह किराया निर्धारण समिति की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिसमें नए किराये को लेकर विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी.
बस संचालकों की मांग पर होगा विचार
बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ बस संचालकों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे. नियमों के अनुसार दो प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा ताकि किराया निर्धारण के बाद किसी प्रकार का विवाद या आपत्ति सामने न आए. माना जा रहा है कि बैठक में बस ऑपरेटरों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.
प्रति किलोमीटर किराया बढ़ाने का प्रस्ताव
वर्तमान में यात्री बसों का न्यूनतम किराया पहले किलोमीटर के लिए 7 रुपये निर्धारित है. इसके बाद यात्रियों से 1.40 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया लिया जाता है. अब इस दर को बढ़ाकर 1.50 रुपये प्रति किलोमीटर किए जाने की संभावना जताई जा रही है. हाल ही में बस संचालकों के प्रतिनिधियों ने परिवहन विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर किराया बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया था. उनका कहना है कि पिछले कई वर्षों में डीजल की कीमतों, करों और संचालन से जुड़े अन्य खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि किराये में कोई बदलाव नहीं किया गया. इसी कारण वे किराया बढ़ाकर 2 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा भी बनी वजह
राज्य सरकार जुलाई महीने से इंदौर में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है. इस योजना के तहत निजी बसों को अनुबंध के आधार पर संचालित किया जाएगा. नई व्यवस्था में यात्रियों की संख्या और टिकट व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. बस संचालकों का मानना है कि नई प्रणाली लागू होने के बाद क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना संभव नहीं होगा और किराया संग्रह में भी पारदर्शिता बढ़ेगी. इससे उनकी आय प्रभावित हो सकती है, इसलिए वे किराये में संशोधन की मांग को उचित ठहरा रहे हैं.
समिति करेगी अंतिम फैसला
गौरतलब है कि किराया निर्धारण समिति का गठन वर्ष 2010 में किया गया था. इस समिति में परिवहन विभाग और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. साथ ही परिवहन आयुक्त द्वारा नामित दो बस संचालक प्रतिनिधियों को भी सदस्य बनाया जाता है. समिति द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद बस किराये में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.









