मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार इन दिनों विपक्ष से ज्यादा अपने ही मंत्रियों के विवादों और आपसी मतभेदों को लेकर चर्चा में है. पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल में कई मंत्री अपने बयानों, कार्यशैली और विवादों के कारण लगातार सुर्खियों में रहे हैं, जिससे सरकार और संगठन दोनों पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है.
कर्नल सोफिया कुरैशी के बयान पर मचा था बवाल
हाल के समय में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिया गया बयान देशभर में विवाद का कारण बना था. इस टिप्पणी को लेकर भारी विरोध हुआ और मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है. वहीं लोक स्वास्थ्य मंत्री संपतिया उइके और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान के बीच सामने आया ताजा विवाद भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
कैलाश विजयवर्गीय भी विवादों में रहे हैं
इसके अलावा कई अन्य मंत्री भी अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहे हैं. नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानबाजी के कारण कई बार आलोचना झेल चुके हैं. इंदौर की एक घटना के दौरान उनके बयान को लेकर भी काफी बवाल हुआ था. वहीं राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर आरोप लगे हैं, जो अब कानूनी जांच के दायरे में है.
कृषि मंत्री एदल सिंह
कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना भी अपने विवादित बयान के चलते चर्चा में रहे, जब उन्होंने रेत माफिया को लेकर अलग तरह की टिप्पणी की थी, जिस पर विपक्ष ने सरकार को घेरा था. इसके बाद एक घटना में रेत वाहन की टक्कर से एक अधिकारी की मौत ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया.
नागर सिंह चौहान
नागर सिंह चौहान पहले भी अपने राजनीतिक रुख और पारिवारिक विवादों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं. हाल ही में उनके भाई से जुड़े एक मामले ने भी प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा की थी. दूसरी ओर संपतिया उइके भी विभागीय विवादों और हालिया बयान को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने एक अन्य मंत्री पर टिप्पणी की थी.
मंत्रियों के कार्य व्यवहार की हुई समीक्षा
इन सभी घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई, जिसमें संगठन और सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए. इस बैठक में मंत्रियों के कार्य व्यवहार और उनकी कार्यशैली की समीक्षा की गई. सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व भी इन विवादों से अवगत है और आने वाले समय में मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव या विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.









