मध्य प्रदेश सरकार ने मंत्रियों के विभागों में बड़ा बदलाव करते हुए नई जिम्मेदारियां तय कर दी हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अब पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार भी अपने हाथ में ले लिया है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है. इस फैसले के बाद प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
मुख्यमंत्री के पास आए कई अहम विभाग
नई अधिसूचना के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले से ही कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. अब पशुपालन एवं डेयरी विभाग भी उनके कार्यक्षेत्र में शामिल हो गया है. इसके साथ ही सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन और प्रवासी भारतीय जैसे अहम विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे. सरकार का यह फैसला प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
लखन पटेल को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया गया है. इसके बदले उन्हें अब आनंद विभाग का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है. सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू माना जा रहा है. इससे मंत्रिमंडल के भीतर विभागों की जिम्मेदारियों में नया संतुलन देखने को मिलेगा.
फैसले को लेकर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
विभागों में हुए इस फेरबदल के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि, सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि पशुपालन विभाग मुख्यमंत्री के पास लाने का फैसला किन कारणों से लिया गया. ऐसे में इस बदलाव को लेकर अलग-अलग स्तर पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस फैसले को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना जताई जा रही है.









