मध्य प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी है. राज्य सरकार अब तक निगम मंडलों, आयोगों और विभिन्न प्राधिकरणों में 60 से अधिक नियुक्तियां कर चुकी है. इसी क्रम में सरकार ने मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का फैसला लिया है. राज्य शासन की ओर से जारी आदेश में आयोग के लिए दो नए सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है.
क्या आदेश हुआ जारी
सरकारी आदेश के मुताबिक सोनम निनामा और अधिवक्ता अर्चना गुप्ता को मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग का सदस्य बनाया गया है. इससे पहले डॉ. निवेदिता शर्मा को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया जा चुका है. अब आयोग में अध्यक्ष सहित दो सदस्यों की टीम पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगी.
बच्चों की सुरक्षा जरूरी
सरकार का मानना है कि नई नियुक्तियों के बाद बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, बाल कल्याण योजनाओं की निगरानी और बच्चों से जुड़े मामलों के समाधान में तेजी आएगी. आयोग अब अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकेगा और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी. प्रदेश में लगातार हो रही इन नियुक्तियों को सरकार के संगठनात्मक विस्तार और प्रशासनिक मजबूती के तौर पर भी देखा जा रहा है. राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि सरकार विभिन्न आयोगों और संस्थाओं को सक्रिय बनाकर प्रशासनिक कार्यों में गति लाने की कोशिश कर रही है. वहीं बाल अधिकार संरक्षण आयोग में नई नियुक्तियों के बाद बच्चों से जुड़े मामलों में जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.
यह भी पढ़ें- हर महीने 5000 तक पेंशन! जानिए Atal Pension Yojana की पूरी डिटेल, कौन और कैसे कर सकते हैं अपलाई
यह भी पढ़ें- MP में किसानों की बल्ले-बल्ले! भू-अर्जन संशोधन से यूं मिलेगा बंपर फायदा
यह भी पढ़ें- इस देश में टॉयलेट सीट की होती है पूजा, जानें हैरान कर देने वाली कहानी
यह भी पढें- New COVID Variant BA.3.2 Cicada: फिर कोरोना की एंट्री, जानें लक्षण और बचाव के तरीके









