MP Nikay Chunav: मध्यप्रदेश में अगले साल यानी 2027 में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनावों को लेकर BJP ने अभी से अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। चुनावी तारीखों से करीब एक साल पहले ही प्रदेश भाजपा ने प्रत्याशियों के चयन की जो नई गाइडलाइन तैयार की है, उसने टिकट की आस लगाए बैठे कई दिग्गज और पुराने नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं। पार्टी इस बार जमीनी स्तर पर बड़ा परिवर्तन करने जा रही है, जिसके तहत पुराने चेहरों को दरकिनार कर युवाओं को मैदान में उतारा जाएगा।
इन दिग्गजों का कटेगा पत्ता
पार्टी सूत्रों माने तो इस बार के नगरीय निकाय चुनावों में टिकट पाने के लिए भाजपा ने कुछ नए मापदंड तय किए हैं। चुनाव के समय जिन भी संभावित दावेदारों या वर्तमान पार्षदों की उम्र 60 साल या उससे अधिक होगी, उन्हें टिकट की रेस से बाहर कर दिया जाएगा। जो नेता अपने वार्ड से लगातार तीन बार पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं या लड़ चुके हैं, उन्हें इस बार आराम देकर नए युवाओं को मौका दिया जाएगा। इस बार सिर्फ रसूख काम नहीं आएगा। उम्मीदवारों के चयन में इंटरनेट मीडिया पर उनकी सक्रियता, आम जनता के बीच उनके फॉलोअर्स की संख्या और डिजिटल जुड़ाव को टिकट वितरण का एक मुख्य पैरामीटर बनाया गया है।
सीधे जनता चुनेगी अध्यक्ष
आपको बता दें कि पिछले निकाय चुनावों में मध्य प्रदेश के 16 नगर निगमों में से 5 पर कांग्रेस और 1 सीट पर आम आदमी पार्टी ने महापौर पद पर कब्जा जमाया था, हालांकि नगर पालिकाओं और परिषदों में भाजपा का दबदबा था। तब अध्यक्षों का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली हुआ था, लेकिन अब सरकार ने इस नियम को पूरी तरह बदल दिया है। आगामी 2027 के चुनावों में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का चुनाव सीधे जनता के मतदान द्वारा कराया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत जल्द ही वार्डों और अध्यक्ष पदों की सीटों के लिए आरक्षण भी तय किया जाएगा।
पार्टी कराएगी गुप्त सर्वे
चुनाव से ठीक पहले होने वाली गुटबाजी और बगावत को रोकने के लिए बीजेपी आलाकमान ने अभी से जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी संगठन ने सभी संभाग और जिला प्रभारियों को हिदायत दी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय, बेदाग छवि वाले युवाओं की सूची तैयार करें। उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टी केवल स्थानीय नेताओं के फीडबैक पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि एजेंसियों के माध्यम से वार्ड स्तर पर गुप्त सर्वे भी कराएगी। जिसका नाम सर्वे में सबसे ऊपर होगा, उसे ही कमल का सिंबल दिया जाएगा।









