MP Rajya Sabha: मध्य प्रदेश में आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव का रण दिलचस्प होता जा रहा है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रहे बयानों के बीच अब सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मोर्चा संभाल लिया है। इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री ने राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर चल रही सभी राजनैतिक अटकलों पर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने विपक्ष के पसीना आने लगा है।
सीएम ने दे दिया बड़ा संदेश
इंदौर में मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या भाजपा तीसरी सीट पर भी अपना दावा ठोकने जा रही है, तो उन्होंने अपने अंदाज में सस्पेंस खत्म करते हुए कहा कि अरे भाई! तीसरी सीट आएगी नहीं तो जाएगी कहां? सीएम का यह छोटा सा वाक्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राजनैतिक जानकारों का मानना है कि इस एक लाइन के जरिए मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि संख्या बल के लिहाज से प्रदेश का पूरा समीकरण भाजपा के नियंत्रण में है।
क्यों अहम है सीएम का बयान?
दरसअल, मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों में से दो पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस का गणितीय दावा तय माना जा रहा था। लेकिन हाल ही में आए कुछ बयानों ने माहौल गर्म कर दिया था। भाजपा के पास मौजूद 164 विधायकों के बहुमत की वजह से दो सीटें जीतने के बाद भी उसके पास 48 अतिरिक्त वोट बचते हैं। इसी वजह से कयास लगाए जा रहे थे कि क्या भाजपा किसी निर्दलीय या गुप्त प्रत्याशी को मैदान में उतारकर कांग्रेस की तीसरी सीट छीनने का प्रयास करेगी, लेकिन मुख्यमंत्री के बयान ने अब यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि जो सीट भाजपा के कोटे में सीधे तौर पर आ ही नहीं रही है, उसे लेकर इतनी बयानबाजी या चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
विपक्ष में मची हलचल
भले ही मुख्यमंत्री ने यह बात मजाकिया अंदाज में कही हो, लेकिन कांग्रेस खेमे में चल रही अंदरूनी रार को और हवा दे दी है। कांग्रेस इस समय अपने 64 विधायकों को एकजुट रखने और विधायक दल की बैठक को सफल बनाने में जुटी है, ताकि किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग की गुंजाइश न बचे।









