भोपाल/ खबर डिजिटल/ अयोध्या राम मंदिर Ayodhya Ram Mandir में कथित दान Donation चोरी मामले के बाद अब मध्यप्रदेश में भी कई मंदिरों के ट्रस्ट पर आरोप लगने शुरू हो गए हैं। कांग्रेस ने मंदिरों की आस्था के नाम पर भ्रष्टाचार और लूट के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांगी की है। मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े विभिन्न मंदिर ट्रस्टों द्वारा धर्म, आस्था और सनातन परंपरा के नाम पर जनता की भावनाओं का राजनीतिक दोहन किया गया है। आज देश और प्रदेश के कई प्रमुख मंदिरों से जुड़े भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और चोरी के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
मुकेश नायक ने कहा कि मध्य प्रदेश में महाकाल लोक, ओरछा स्थित श्री राम महालोक तथा धर्म एवं संस्कृति विभाग द्वारा विभिन्न मंदिरों के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ओरछा परियोजना में ₹50 प्रति वर्गफुट की टाइल को ₹350 प्रति वर्गफुट की दर से खरीदे जाने जैसी शिकायतें सार्वजनिक हुई हैं, जो सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर संकेत करती हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर भी अनेक गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं। मंदिर निर्माण से जुड़े इंजीनियरों द्वारा निर्माण कार्य में लगभग 40 प्रतिशत तक अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं। इन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब सामने नहीं आया है।
मुकेश नायक ने कहा कि राम मंदिर परिसर में लगे कैमरों के बंद रहने तथा चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठे हैं। इसके अतिरिक्त मंदिर निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी गई सोने-चांदी की राम शिलाओं का मुद्दा भी गंभीर चिंता का विषय है। बताया जाता है कि इनमें एक अत्यंत मूल्यवान शिला भी शामिल थी, जिसकी कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी। इन शिलाओं के संबंध में यह कहा गया कि उन्हें मंदिर की नींव में स्थापित कर दिया गया है, किंतु इस संबंध में कोई सार्वजनिक और पारदर्शी प्रमाण उपलब्ध नहीं कराया गया।
उन्होंने कहा कि देश की जनता और करोड़ों श्रद्धालुओं को यह जानने का अधिकार है कि धार्मिक परियोजनाओं और मंदिर ट्रस्टों में प्राप्त धन, दान और संसाधनों का उपयोग किस प्रकार किया गया। धर्म और आस्था के नाम पर एकत्रित धन में किसी भी प्रकार की अनियमितता पूरे समाज के विश्वास पर आघात है।
मुकेश नायक ने मांग की कि मध्य प्रदेश और देश के सभी प्रमुख मंदिर ट्रस्टों, मंदिर निर्माण परियोजनाओं तथा धार्मिक संस्थाओं के वित्तीय लेन-देन, निर्माण कार्यों और दान प्रबंधन की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ऑडिट कराई जाए। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि जनता के सामने सच्चाई आ सके और दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो सके।









