Naresh Gianchandani resigns: मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के उठापटक के बीच कांग्रेस को राजधानी भोपाल में एक बड़ा झटका लगा है। भोपाल की हाई-प्रोफाइल हुजूर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। ज्ञानचंदानी ने अपना त्यागपत्र मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेज दिया है। उनके इस अचानक उठाए गए कदम से भोपाल से लेकर दिल्ली तक के राजनैतिक गलियारों में नई चर्चाओं और कयासों का दौर शुरू हो गया है।
37 वर्षों की तपस्या का अंत
बता दें कि नरेश ज्ञानचंदानी कोई नए नेता नहीं हैं, बल्कि वे पिछले 37 वर्षों से लगातार कांग्रेस की विचारधारा से जुड़कर संगठन को मजबूत करने में सक्रिय थे। वे भोपाल संभाग सिंधी समाज और हुजूर अंचल में कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा माने जाते हैं। अपने इस्तीफे में दर्द बयां करते हुए ज्ञानचंदानी ने कहा कि उन्होंने अपने करीब चार दशक के राजनैतिक जीवन में हमेशा पार्टी हित और संगठन को ही सर्वोपरि रखा। उन्होंने कभी भी किसी पद की मांग नहीं की, बल्कि एक सिपाही की तरह हमेशा पार्टी के लिए काम किया।
नामांकन के आखिरी दिन इस्तीफा
राजनैतिक जानकारों का कहना है कि नरेश ज्ञानचंदानी का यह इस्तीफा कांग्रेस के लिए बेहद गलत समय पर आया है। दो दिन पहले भोपाल में राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में बुलाई गई कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक से पहले नरेश ज्ञानचंदानी के तीखे तेवर देखने को मिले थे। ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया पर नटराजन की उम्मीदवारी को लेकर कटाक्ष किया था।










