मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं. संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन जारी है और कई नेता अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं. इसी बीच भाजपा के पूर्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश मुड़ोतिया ने भी आधिकारिक तौर पर टिकट की मांग करते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र भेजा है. उनके इस कदम के बाद दतिया की सियासत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
संगठन में लंबे अनुभव का दिया हवाला
मुकेश मुड़ोतिया ने अपने पत्र में लिखा है कि वह पिछले करीब चार दशकों से भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय हैं. उन्होंने संगठन के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार काम किया है और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 से 2005 तक लगातार दो कार्यकाल के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे. इस दौरान संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को जोड़ने के लिए उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई.
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उत्तर प्रदेश और हरियाणा विधानसभा चुनावों में प्रवासी सह-प्रभारी जैसी अहम जिम्मेदारियां भी सौंपी थीं. उनका कहना है कि उन्होंने हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया.
स्थानीय कार्यकर्ता को मौका देने की मांग
मुड़ोतिया ने अपने पत्र में दतिया विधानसभा सीट से किसी स्थानीय और लंबे समय से संगठन से जुड़े कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाए जाने की पैरवी की है. उनका मानना है कि क्षेत्र की जनता की भावनाओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं के योगदान का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों का भी उल्लेख करते हुए पार्टी नेतृत्व से आग्रह किया कि पिछले चुनावों के अनुभवों को ध्यान में रखकर टिकट पर फैसला लिया जाए.
सामाजिक गतिविधियों का भी किया उल्लेख
राजनीतिक अनुभव के साथ-साथ मुकेश मुड़ोतिया ने अपने सामाजिक कार्यों का भी जिक्र किया है. उन्होंने बताया कि पिछले 16 वर्षों से श्रीराम कथा समिति के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं. समिति की ओर से समय-समय पर सामूहिक विवाह, मेधावी छात्र सम्मान, मातृ सम्मान, रक्षाबंधन उत्सव और अन्य सामाजिक आयोजन किए जाते रहे हैं. उनका दावा है कि इन गतिविधियों के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों से उनका लगातार संपर्क बना हुआ है.
हाईकमान के फैसले पर टिकी नजर
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, मुकेश मुड़ोतिया की दावेदारी को लेकर संगठन के कुछ वरिष्ठ नेताओं का समर्थन भी मिलने की चर्चा है. हालांकि भाजपा ने अभी तक दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने अधिकृत उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. ऐसे में टिकट को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है और सभी की नजर अब भाजपा हाईकमान के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में उम्मीदवार की घोषणा के साथ दतिया की चुनावी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है.









