भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने फेसलेस रजिस्ट्री को और आसान और बेहतर बनाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रदेश का कोई भी सब-रजिस्ट्रार किसी भी जिले की फेसलेस रजिस्ट्री या फिर दूसरे ऑनलाइन दस्तावेजों का पंजीयन कर सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे पेंडिंग केस में कमी आएगी और लोगों को जल्दी सेवा मिलेगी।
दूसरे जिले का अधिकारी भी करेगा रजिस्ट्री
रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा-6 में संशोधन के बाद सब-रजिस्ट्रार के अधिकार पूरे प्रदेश तक बढ़ा दिए गए हैं। अगर किसी जिले में काम ज्यादा होगा और दूसरे जिले में कम, तो दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध सब-रजिस्ट्रार को भेजे जा सकेंगे। यह व्यवस्था केवल फेसलेस रजिस्ट्री और अन्य ऑनलाइन दस्तावेजों पर लागू होगी।
75 तरह के दस्तावेज घर बैठे होंगे रजिस्टर्ड
सरकार के अनुसार फरवरी 2026 में शुरू हुई साइबर सब-रजिस्ट्रार व्यवस्था के जरिए अब तक 10 हजार से ज्यादा दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है। अब लीज, पट्टा, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट, शपथ-पत्र, वसीयत, तलाक विलेख, बैंक गारंटी, विक्रय प्रमाण-पत्र समेत 75 तरह के दस्तावेज फेसलेस तरीके से रजिस्टर्ड कराए जा सकेंगे। देश या विदेश में बैठकर भी यह सुविधा ली जा सकेगी।
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
- रजिस्ट्री पहले की तुलना में जल्दी पूरी होगी।
- लंबित मामलों और इंतजार का समय कम होगा।
- बार-बार रजिस्ट्री कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- किसी भी जिले का उपलब्ध सब-रजिस्ट्रार ऑनलाइन दस्तावेजों का पंजीयन कर सकेगा।
- देश या विदेश में बैठकर भी फेसलेस रजिस्ट्री कराई जा सकेगी।
- ऑनलाइन प्रक्रिया अधिक आसान और पारदर्शी बनेगी।
वीडियो और AI से होगी पहचान की जांच
फेसलेस रजिस्ट्री के लिए आधार नंबर देना जरूरी होगा। प्रक्रिया के दौरान AI आधारित वीडियो वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके साथ वोटर आईडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे पहचान पत्र का मिलान होगा। ई-केवाईसी और ई-साइन पूरा होने के बाद पक्षकारों को यह भी घोषित करना होगा कि वे बिना किसी दबाव के अपनी इच्छा से दस्तावेज का पंजीयन करा रहे हैं।
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