भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों का दौर अंतिम चरण में पहुंच गया है। राज्य सरकार के तय कार्यक्रम के मुताबिक 15 जून 2026 तबादलों की अंतिम तारीख है। इसके बाद सामान्य परिस्थितियों में तबादला प्रक्रिया पर रोक लग जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अधिकारियों और कर्मचारियों से समय सीमा के भीतर तबादला प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
30 हजार से ज्यादा आवेदन पहुंचे
तबादलों की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही आवेदन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 30 हजार से अधिक कर्मचारी ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। अंतिम तारीख से पहले बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी स्थानांतरण के लिए आवेदन कर रहे हैं, जिससे विभागों में फाइलों का दबाव भी बढ़ गया है।
11 विभागों की फाइलों पर सीधे CM कार्यालय करेगा फैसला
सरकार ने यह भी तय किया है कि मुख्यमंत्री के अधीन आने वाले 11 विभागों की तबादला फाइलों पर अंतिम निर्णय सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से लिया जाएगा। इन विभागों से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा के बाद ही तबादलों को मंजूरी दी जाएगी।
अधिकारियों के ट्रांसफर पर CM की अंतिम मंजूरी
नई तबादला नीति के तहत प्रथम श्रेणी यानी क्लास-1 अधिकारियों के स्थानांतरण के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की स्वीकृति अनिवार्य की गई है। बिना मुख्यमंत्री की मंजूरी के इन अधिकारियों के तबादले नहीं किए जा सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों और तबादलों में पारदर्शिता बनी रहेगी।
10 से 20 प्रतिशत कर्मचारियों का ही होगा ट्रांसफर
नई नीति के अनुसार किसी भी विभाग में कुल कर्मचारियों के न्यूनतम 10 प्रतिशत और अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना और विभागीय कामकाज को प्रभावित होने से बचाना है।
कर्मचारी संगठन पदाधिकारियों को मिलेगी छूट
तबादला नीति में कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों को विशेष छूट भी दी गई है। ऐसे पदाधिकारियों को सामान्य तबादला प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। इस बीच 15 जून की समय सीमा को देखते हुए कई विभागों में तबादला आदेश जारी करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
ये खबर भी पढ़ें..









