भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार सरकारी भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, डिजिटल और समय के मुताबिक सही बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की भूमिका केवल परीक्षा आयोजित करने और चयन सूची तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चयनित अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच भी उसी के माध्यम से कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी कम होगी।
नियुक्ति प्रक्रिया में लगेगा कम समय
वर्तमान व्यवस्था में चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण के लिए अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ता है। कई बार विभागीय स्तर पर अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण नियुक्ति में महीनों का समय लग जाता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी प्रक्रियाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी की जा रही है, जिससे अभ्यर्थियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
ऑनलाइन पोर्टल पर मिलेगी पूरी जानकारी
सरकार भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी कर रही है। उम्मीदवारों द्वारा आवेदन के दौरान अपलोड किए गए दस्तावेज, शैक्षणिक योग्यता, पात्रता संबंधी जानकारी और सत्यापन की स्थिति पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। इससे दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया तेज होगी और भर्ती में पारदर्शिता बढ़ेगी।
मेडिकल जांच के बाद विभागों को भेजी जाएगी सूची
नई प्रणाली के तहत मेडिकल जांच और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद ESB योग्य उम्मीदवारों की अंतिम सूची संबंधित विभागों को सौंपेगा। इसके आधार पर विभाग सीधे नियुक्ति आदेश जारी कर सकेंगे। इससे चयनित अभ्यर्थियों को लंबे समय तक नियुक्ति पत्र का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
भर्ती प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी
फिलहाल कई मामलों में विभागों द्वारा अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाने और अलग-अलग स्तरों पर सत्यापन होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है। प्रस्तावित व्यवस्था में अधिकांश रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेंगे, जिससे सत्यापन का समय कम होगा और रिक्त पदों को जल्दी भरने में मदद मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनेगी। साथ ही चयनित उम्मीदवारों को समय पर नियुक्ति मिलने का रास्ता भी आसान होगा।
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