भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने जनकल्याणकारी और हितग्राही योजनाओं की समीक्षा के लिए एक हाईलेवल कमेटी बनाई है। यह कमेटी अलग-अलग विभागों की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करेगी और एक महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। कमेटी का मकसद योजनाओं की स्थिति, उनके कामकाज और लोगों को मिल रहे लाभ की जानकारी जुटाना है।
कई विभागों के बड़े अधिकारी कमेटी में शामिल
कमेटी में वित्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अपर मुख्य सचिव शामिल होंगे। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) के प्रमुख सचिव भी कमेटी के सदस्य रहेंगे।
योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारी को कमेटी का सदस्य सचिव बनाया गया है। कमेटी अलग-अलग विभागों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका आकलन करेगी।
लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना भी दायरे में
महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख योजनाओं में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और सक्षम आंगनवाड़ी योजना की समीक्षा की जाएगी। हालांकि लाड़ली बहना योजना के 3 साल पूरे होने के बाद इसका अलग से मूल्यांकन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान द्वारा किया जा रहा है।
किसान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी जांच
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और सिंचाई के लिए दी जाने वाली बिजली सब्सिडी भी समीक्षा में शामिल हैं। सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मुख्यमंत्री संबल योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और वृद्धावस्था पेंशन योजनाओं को भी कमेटी देखेगी।
आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा की योजनाएं भी शामिल
कमेटी प्रधानमंत्री आवास योजना के ग्रामीण और शहरी हिस्से, जल जीवन मिशन, अटल गृह ज्योति योजना और स्वामित्व योजना की भी समीक्षा करेगी। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, समग्र शिक्षा अभियान और अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाओं को भी समीक्षा के दायरे में रखा गया है।
कमेटी को एक महीने में अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। रिपोर्ट के आधार पर सरकार इन योजनाओं की स्थिति और आगे की जरूरतों को लेकर फैसला ले सकती है।
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