भोपाल। मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। विभाग ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करते हुए ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए स्पष्ट नियम तय किए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य तबादलों में पारदर्शिता लाना और अनावश्यक हस्तक्षेप को कम करना बताया जा रहा है।
3 साल की सेवा पूरी करना होगा जरूरी
नई SOP के अनुसार किसी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण तभी किया जा सकेगा, जब वह एक ही स्थान पर कम से कम तीन वर्ष की सेवा पूरी कर चुका हो। इससे कम अवधि वाले कर्मचारियों को सामान्य परिस्थितियों में ट्रांसफर का लाभ नहीं मिलेगा।
तबादला प्रक्रिया में बढ़ेगी पारदर्शिता
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि नई SOP लागू होने से ट्रांसफर प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी। इससे तबादलों में अनावश्यक दबाव और मनमानी की शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।
पसंदीदा जिले में आसानी से नहीं मिलेगा तबादला
नई गाइडलाइन में यह भी साफ किया गया है कि अधिकारी और कर्मचारी अपनी पसंद के जिले या गृह क्षेत्र के आसपास आसानी से तबादला नहीं करा सकेंगे। विभागीय जरूरत और प्रशासनिक आधार को प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रशासनिक जरूरत के आधार पर होंगे फैसले
विभागीय स्तर पर तबादलों के दौरान क्षेत्रीय जरूरत, रिक्त पद और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को ध्यान में रखा जाएगा। इससे विभिन्न क्षेत्रों में कर्मचारियों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।
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