MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश शासन ने वर्ष 2011, 2012 और 2013 बैच के चार सीनियर आईएएस अधिकारियों की पदस्थापना में अचानक बड़ा फेरबदल कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन चारों ही कप्तानों ने केंद्रीय या अन्य उच्च संस्थानों में प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए पहले से आवेदन दे रखा था। इसके बावजूद सरकार ने इन्हें रिलीव करने के बजाय वर्तमान व्यवस्था के तहत नए जिलों और विभागों की कमान सौंप दी है। इन अधिकारियों में प्रदेश के चर्चित आईएएस दंपती रोहित सिंह और हर्षिका सिंह भी शामिल हैं।
दिल्ली को प्राथमिकता
राज्य सरकार ने यह तय किया है कि केवल उन्हीं प्रतिनियुक्ति मामलों को हरी झंडी दी जाएगी, जिनमें अधिकारी सीधे केंद्र सरकार के मंत्रालयों में कमान संभालने जा रहे हैं, क्योंकि इससे राज्य को सीधा लाभ मिलता है। जो अधिकारी कई राष्ट्रीय अकादमियों या ऐसे शोध संस्थानों में जाना चाहते हैं जहां से राज्य को कोई प्रशासनिक लाभ नहीं है, उन्हें रिलीव करने में सरकार कोई जल्दबाजी नहीं दिखाएगी।
इंपैनलमेंट नीति का पेंच
बता दे कि केंद्र सरकार ने 2020 में अपनी इंपैनलमेंट नीति में बड़ा संशोधन किया था। इसके तहत 2007 और उसके बाद के बैच के आईएएस अफसरों के लिए केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर सेवा देना उनकी भविष्य की पदोन्नति से अनिवार्य रूप से जोड़ दिया गया है।
इन 4 IAS का तबादला
IAS सौरव कुमार सुमन: इन्हें पिछड़ा वर्ग निगम की कमान से हटाकर अब उद्यानिकी विभाग में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्होंने भी प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन दे रखा है।
IAS रोहित सिंह: वित्त विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत रोहित सिंह को अब मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक की कमान सौंपी गई है। इन्होंने एक राष्ट्रीय एकेडमी में जाने का आवेदन किया था।
IAS हर्षिका सिंह: रोहित सिंह की धर्मपत्नी और ग्रामीण आजीविका मिशन की कप्तान हर्षिका सिंह को अब संचालक बजट बनाया गया है। इन्होंने भी एकेडमी में प्रतिनियुक्ति की इच्छा जताई थी।
IAS अमनबीर सिंह बैंस: ऊर्जा विकास निगम के पद से हटाकर इन्हें अब ट्रेजरी आयुक्त बनाया गया है। इन्होंने देश की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में पदस्थापना के लिए आवेदन किया था।









