मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए सितंबर की शुरुआत खास होने वाली है. प्रदेश सरकार 12वीं कक्षा में तय मानकों के अनुसार सफल हुए विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देने जा रही है. इसके तहत 80 हजार से अधिक छात्रों के बैंक खातों में 25-25 हजार रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 सितंबर को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक से विद्यार्थियों के खातों में यह राशि भेजेंगे. कार्यक्रम दोपहर 3 बजे शुरू होगा. स्कूल शिक्षा विभाग ने योजना के लिए पात्र विद्यार्थियों की प्रक्रिया पूरी कर ली है. इस साल कुल 80,197 विद्यार्थी लैपटॉप की राशि पाने के लिए योग्य पाए गए हैं.
छात्रों को लैपटॉप नहीं, सीधे मिलेगी आर्थिक मदद
सरकार की इस योजना में विद्यार्थियों को तैयार लैपटॉप उपलब्ध नहीं कराया जाता है. पात्र छात्रों के बैंक खातों में 25 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जाती है. पैसा मिलने के बाद विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और जरूरत के हिसाब से अपनी पसंद का लैपटॉप खरीद सकते हैं.
इससे छात्रों को अपनी जरूरत के मुताबिक डिवाइस चुनने की आजादी मिलती है. डिजिटल पढ़ाई, ऑनलाइन कंटेंट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी यह सुविधा उनके लिए उपयोगी हो सकती है.
75 फीसदी अंक जरूरी
प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं की परीक्षा में निर्धारित पात्रता पूरी करना जरूरी है. विद्यार्थी को परीक्षा अपने पहले प्रयास में पास करनी होगी और कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे.
दूसरे प्रयास में 12वीं परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे. इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से तय अन्य शर्तों को पूरा करना भी अनिवार्य है.
पहले 85 प्रतिशत अंक की थी शर्त
मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने और उन्हें तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत वर्ष 2009-10 में की गई थी. शुरुआती दौर में लैपटॉप सहायता के लिए 12वीं में 85 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी था. बाद में सरकार ने पात्रता की सीमा घटाकर 75 प्रतिशत कर दी.
अंकों की सीमा कम होने के बाद योजना में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई. पिछले साल लगभग 94 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला था.
इस बार पात्र छात्रों की संख्या घटी
इस साल योजना के लिए 80,197 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है. सभी पात्र विद्यार्थियों के खातों में 1 सितंबर को 25 हजार रुपये की राशि भेजी जाएगी.
सरकार का मानना है कि मौजूदा डिजिटल दौर में विद्यार्थियों के पास तकनीकी संसाधन होना उनकी पढ़ाई के लिए काफी महत्वपूर्ण है. लैपटॉप के जरिए छात्र ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, डिजिटल पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी जानकारी आसानी से हासिल कर सकेंगे. इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए बेहतर डिजिटल साधन उपलब्ध कराना है.







