MP Bjp: पश्चिम बंगाल का चुनावी दंगल थमते ही भारतीय जनता पार्टी के अंदर अब राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन की सुगबुगाहट चरम पर पहुंच गई है। नई राष्ट्रीय टीम में जगह पाने के लिए मध्य प्रदेश भाजपा के तमाम छोटे-बड़े नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व के पास अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार एमपी के कई रसूखदार नेता इन दिनों गुपचुप तरीके से दिल्ली के दौरे कर रहे हैं।
निगम-मंडलों से चूके नेता अब शाह के भरोसे
हाल ही में मध्य प्रदेश के अंदर हुए निगम-मंडलों, प्राधिकरणों और प्रदेश कार्यकारिणी के विस्तार में जिन नेताओं के हाथ खाली रह गए थे, वे अब राष्ट्रीय संगठन में अपनी संभावनाएं तलाश रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते के अंदर मध्य प्रदेश से लगभग दर्जनभर से ज्यादा भाजपा नेता दिल्ली का रुख कर चुके हैं। इनमें से चार से पांच कद्दावर नेता तो पिछले कई दिनों से दिल्ली में ही परमानेंट डेरा जमाए बैठे हैं।
नेताओं के बीच आंख-मिचोली का खेल
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली का रुख करने वाले ये नेता अपने ही गुट और संगठन के साथी नेताओं से इस दौरे को पूरी तरह गोपनीय रख रहे हैं। सियासी गलियारों में एक मजेदार आंख-मिचोली का खेल चल रहा है। कुछ नेता तो सरकारी मध्य प्रदेश भवन में ठहर रहे हैं, जबकि कई नेता अपनी यात्रा को पूरी तरह गुप्त रखने के लिए दिल्ली के निजी होटलों का सहारा ले रहे हैं। जो नेता एमपी भवन पहुंच भी रहे हैं, वे सबसे पहले रिसेप्शन पर जाकर दबी जुबान में यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि भोपाल या मध्य प्रदेश के अन्य शहरों से कौन-कौन से नेता वहां ठहरे हुए हैं, ताकि आमना-सामना होने से बचा जा सके।
नो-फोटो पॉलिसी, नबीन से गुपचुप मुलाकातें
जब नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था, तब मध्य प्रदेश के नेताओं में उनके साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की होड़ मच गई थी। लेकिन अब चुनावी रणनीतियों और टीम गठन के इस दौर में खेल पूरी तरह बदल चुका है। अब जो भी नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से दिल्ली में मिल रहा है, वह सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड करने से पूरी तरह परहेज कर रहा है। नेताओं को डर है कि कहीं समय से पहले पत्ता खुलने से उनका सियासी खेल ऐन वक्त पर बिगड़ न जाए।
शाह की हरी झंडी के इंतजार में कतार
सूत्रों की माने तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के लिए मध्य प्रदेश के नेताओं की एक बहुत लंबी कतार लगी हुई है। कई नेताओं ने हफ्तों पहले से उनसे मिलने का समय मांग रखा है और दिल्ली में रहकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता को यह बखूबी मालूम है कि यदि एक बार चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह के दरबार से उनके नाम को हरी झंडी मिल गई, तो फिर उनका राष्ट्रीय राजनीति में चमकने का रास्ता साफ हो जाएगा। यही वजह है कि मध्य प्रदेश के नेता तमाम तिकड़मों के साथ दिल्ली दरबार में लगातार दस्तक दे रहे हैं।









