मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस अधीक्षक ने विभागीय अनुशासन बनाए रखने के लिए बड़ी कार्रवाई की है. अलग-अलग मामलों में चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं. इनमें दो आरक्षकों को लाइन अटैच किया गया है, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है और कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है.
जनप्रतिनिधियों से विवाद पड़ा भारी
पहला मामला जिले के गरोठ थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. यहां तैनात दो पुलिस आरक्षकों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विवाद करने का आरोप लगा है. जानकारी के मुताबिक किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद मामला बढ़ गया. आरोप यह भी है कि पुलिसकर्मियों ने जनप्रतिनिधियों के साथ अनुचित व्यवहार किया. घटना की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया. जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए. अधिकारियों का मानना है कि पुलिसकर्मियों को अपने व्यवहार और कार्यप्रणाली में मर्यादा बनाए रखना चाहिए.
भावगढ़ थाने के दो पुलिसकर्मी निलंबित
दूसरी कार्रवाई भावगढ़ थाना क्षेत्र में की गई है. यहां पदस्थ दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ लंबे समय से लापरवाही की शिकायतें मिल रही थीं. बताया जा रहा है कि उनके कामकाज को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे और विभागीय स्तर पर भी इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही थी. मामले की समीक्षा के बाद शिकायतों को गंभीर मानते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. विभाग का कहना है कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी.
विभाग में बना चर्चा का विषय
एक ही दिन में चार पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बन गई है. पुलिस अधीक्षक द्वारा उठाए गए इस कदम को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि चाहे मामला व्यवहार से जुड़ा हो या फिर कार्य में लापरवाही का, नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. मंदसौर एसपी ने दोनों मामलों में संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं. माना जा रहा है कि आगे भी विभागीय कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया जा सके.









