मध्य प्रदेश में निगम, मंडल, आयोग और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला लगातार जारी है. अब तक 60 से ज्यादा नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी जा चुकी हैं. इन नियुक्तियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मंत्री इमरती देवी को लेकर हो रही है. माना जा रहा था कि उन्हें मंत्री पद का दर्जा मिल सकता है, लेकिन अब तक उनके नाम पर कोई फैसला सामने नहीं आया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं.
इमरती देवी ने क्या कहा
इसी बीच इमरती देवी भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने मीडिया से खुलकर बातचीत की. उन्होंने साफ कहा कि उनका उद्देश्य किसी पद या नियुक्ति को हासिल करना नहीं है, बल्कि वे पार्टी के लिए काम करती हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी जिम्मेदारी देगा, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगी.
भाजपा लेंगे निर्णय
निगम मंडलों में जिम्मेदारी मिलने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता जो भी निर्णय करेंगे, वह उन्हें पूरी तरह स्वीकार होगा. उनके बयान से यह संकेत मिला कि वे संगठन के फैसले पर भरोसा रखती हैं और किसी तरह की नाराजगी नहीं है.
इमरती देवी ने यह भी कहा कि भाजपा में किसी भी कार्यकर्ता की अनदेखी नहीं होती. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर पार्टी में उपेक्षा होती तो ज्योतिरादित्य सिंधिया आज केंद्र सरकार में मंत्री नहीं होते. उनके मुताबिक पार्टी हर कार्यकर्ता और नेता को सम्मान देने का काम करती है.
सिंधिया समर्थकों को लेकर चल रही चर्चाओं पर क्या बोली
सिंधिया समर्थकों को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सभी लोग महाराज यानी ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ पार्टी में आए थे और सभी को समय के अनुसार अच्छी जिम्मेदारियां मिल रही हैं. कुल मिलाकर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा में सभी नेताओं को महत्व दिया जाता है और संगठन में किसी की अनदेखी नहीं की जा रही है.
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