भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश में पटवारियों पर की जा रही कार्रवाई को लेकर पटवारी संघ और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता दिखाई दे रहा है। देवास से शुरू हुई कार्रवाई अब प्रदेश के दूसरे जिलों तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। गुना में चार पटवारियों को निलंबित किए जाने के साथ ही जिले के सभी 52 पटवारियों को सेवा समाप्ति के नोटिस जारी किए जाने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक, आगर मालवा और सतना जिलों में भी पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कार्रवाई को लेकर पटवारी संघ ने आपत्ति जताते हुए इसे ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ समेत अन्य राजस्व कार्यों से जोड़कर देखा है।
कार्रवाई को लेकर पटवारी संघ ने उठाए सवाल
पटवारी संघ का कहना है कि संबंधित योजना के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक और विधिक दिक्कतों से शासन को पहले ही अवगत कराया जा चुका था। संघ के अनुसार, इन समस्याओं के समाधान के बिना काम को लेकर पटवारियों पर कार्रवाई किया जाना उचित नहीं है। संघ ने प्रशासन से निलंबन और अन्य कार्रवाई वापस लेने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई गई तो पटवारी 7 अक्टूबर से ऑनलाइन राजस्व कार्यों से खुद को अलग रखने का निर्णय ले सकते हैं।
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कई जिलों में असर की चर्चा
देवास से शुरू हुआ यह विवाद अब गुना, आगर मालवा और सतना समेत अन्य जिलों तक पहुंचने की बात सामने आ रही है। इससे राजस्व विभाग के कामकाज और पटवारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन का विस्तृत पक्ष और आगे की कार्रवाई अहम होगी। यदि पटवारी संघ अपने निर्णय पर आगे बढ़ता है, तो इसका असर ऑनलाइन राजस्व सेवाओं और आम लोगों से जुड़े कामों पर पड़ सकता है।
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