भोपाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही है। मध्यप्रदेश की आंतरिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आभार प्रदर्शन समारोह में कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है।
पुलिस बैंड और एकएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड ने पूरी पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
नए पदों पर पुलिस भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती के लिए 2025 में नए नियम तैयार किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है। 2025 में मंजूर किए गए सिपाही, सूबेदार और सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो रही है। इस वर्ष 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति मिली है।
आजादी के बाद से नक्सलवाद देश के लिए आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने में पुलिस विभाग की हॉक फोर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश की हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में भी 882 पदों पर भर्ती की गई है। इन्हीं प्रयासों से मध्यप्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला राज्य बना है। पुलिस विभाग में अनुशासन का बड़ा महत्व है। परेड से अनुशासन बढ़ता है। इसके लिए बैंड दस्ते में भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस बल प्रशिक्षण के बाद सिंहस्थ ड्यूटी के लिए होंगे तैयार
सभी इकाइयों को जल्द ही पुलिस बैंड उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि नवीन आपराधिक कानूनों को लागू कराने में एफएसएल का बड़ा महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफएसएल में नई भर्ती के लिए भी स्वीकृति प्रदान की। सिंहस्थ 2028 प्रदेश का एक मेगा इवेंट होगा। पूरे देश से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग ने 18 हजार से अधिक पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। उन्होंने कहा कि यह पुलिस बल प्रशिक्षण के बाद सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध होगा।
नई भर्तियों से आंतरिक सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी। पुलिस विभाग में सालों से लंबित पदोन्नति की सौगात मिलने से अधिकारी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस में सबसे अधिक 27 हजार से अधिक प्रमोशन हुए हैं। सभी पुलिसकर्मी पूर्ण समर्पण से कार्य करेंगे और अच्छे परिणाम मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर हैं। मध्यप्रदेश पुलिस सभी चुनौतियों से निपटने में सक्षम है।
आभार प्रदर्शन समारोह में मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा कि 'मध्यप्रदेश पुलिस की खाकी वर्दी, उनकी सेवा और समर्पण प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के विश्वास का प्रतीक है। पुलिस की वर्दी पर आग, पानी और आंधी का कोई असर नहीं होता। इसे पहनकर आदमी शेर बन जाता है। मध्यप्रदेश पुलिस देश भक्ति, जनसेवा, साहस और अपनी प्रतिबद्धता के बलबूते देशभर में अपनी विशेष पहचान बना रही है। मध्यप्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में शामिल है। इसके लिए सभी पुलिसकर्मी बधाई के पात्र हैं।
हमारे पुलिस अधिकारियों ने जो भी काम मिला, उसे उत्कृष्ट तरीके से सम्पन्न किया है। चंबल अंचल से दस्यु समस्या को खत्म किया और मध्यप्रदेश के सबसे पहले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त कराया। पुलिस अपनी ड्यूटी निभाए, सरकार आपके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।
वे मध्यप्रदेश पुलिस में नई भर्ती और पदोन्नति के लिए आयोजित 'आभार प्रदर्शन समारोह' को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटे,पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों को बैज लगाए। इस मौके पर उन्होंने अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी। राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन बनाई जाएंगी। नई बटालियनों में अति पिछड़ी जातियों, बैगा, भारिया, सहरिया कंपनियां शामिल होंगी।









