मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी तीर चलने शुरू हो गए हैं. राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नगरीय प्रशासन मंत्री के बीच चल रहे कथित मतभेदों को लेकर जोरदार हमला बोला है. इंदौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि दोनों शीर्ष नेताओं के बीच अंदरूनी खींचतान इस हद तक बढ़ चुकी है कि उनके बीच तीखी बकझक हो रही है, भले ही वह जनता के सामने न आ रही हो.
प्रभारी मंत्री और विभागीय मंत्री में खींचतान
पटवारी ने ध्यान दिलाया कि इंदौर जिले का प्रभार खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास है. इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और विभाग के बीच किसी तरह का तालमेल नजर नहीं आ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ही नेता अपनी कुर्सी बचाने और एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ में लगे रहते हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
बीजेपी विधायकों की गैरहाजिरी पर उठाए सवाल
पानी के मुद्दे पर बुलाई गई हालिया बैठक का जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि नगरीय प्रशासन मंत्री ने आने वाले जल संकट पर चर्चा के लिए बैठक रखी थी. लेकिन हैरानी की बात यह रही कि बीजेपी के अपने ही विधायक इसमें शामिल नहीं हुए. पटवारी के मुताबिक यह घटना दर्शाती है कि सत्ताधारी दल में किस कदर अहंकार भर चुका है. पार्टी के विधायक अपने ही मंत्री की अनदेखी कर रहे हैं और उन्हें चुनाव हारने का भी कोई खौफ नहीं रह गया है.
बयानों से गरमाई प्रदेश की राजनीति
कांग्रेस अध्यक्ष के इन तीखे बयानों ने राज्य के सियासी पारे को चढ़ा दिया है. विपक्ष इस मुद्दे के जरिए सरकार की आंतरिक एकजुटता पर सवाल उठा रहा है. हालांकि, पटवारी द्वारा लगाए गए इन व्यक्तिगत आरोपों पर अब तक किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. संबंधित नेताओं की प्रतिक्रिया आने के बाद ही इस राजनीतिक ड्रामे की असली तस्वीर सामने आ सकेगी.







