भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रमोशन पॉलिसी 2025 के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर सरकार ने सख्ती दिखाई है। कुछ विभागों में प्रमोशन की प्रक्रिया धीमी होने और शिकायतें मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने पूरे मामले की जानकारी तलब की है। अब सभी विभागों से पिछले एक सप्ताह में हुए प्रमोशन का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है।
कुछ विभागों में प्रमोशन पर बनी हुई है स्थिति साफ नहीं
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ विभागों में पदोन्नति से जुड़े मामलों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ जगहों पर प्रमोशन प्रक्रिया जानबूझकर लंबित रखी गई है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कैबिनेट बैठक के बाद मांगी गई पूरी रिपोर्ट
बुधवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रमोशन की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले सात-आठ दिनों में हुए सभी प्रमोशन की जानकारी मांगी है, ताकि लंबित मामलों और प्रगति का आकलन किया जा सके।
सभी विभागों को ऑनलाइन जानकारी देना अनिवार्य
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। विभागों से कहा गया है कि वे निर्धारित ऑनलाइन लिंक पर प्रमोशन से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज करें।
यह जानकारी देनी होगी
विभागों को अपनी रिपोर्ट में यह बताना होगा—
- कितने अधिकारी और कर्मचारी प्रमोशन के लिए पात्र हैं।
- अब तक कितनों को पदोन्नति दी गई।
- कितने मामलों में प्रमोशन लंबित है।
- यदि प्रमोशन रोका गया है तो उसका कारण क्या है।
सरकार का उद्देश्य प्रमोशन प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति जानना और पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति सुनिश्चित करना है।
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