मध्य प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत करने और ट्रेनों की आवाजाही को रफ्तार देने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है. रेलवे जबलपुर मंडल और आसपास के इलाकों में करीब 500 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन बिछाने की तैयारी में है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सर्वे अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसे अगले तीन सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मौजूदा समय में इटारसी जंक्शन और जबलपुर रेलखंड पर ट्रेनों का भारी दबाव रहता है. इस रूट से रोजाना 450 से अधिक यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं. सिर्फ दो लाइनें होने की वजह से अक्सर ट्रेनों को लाइन क्लियरेंस का इंतजार करना पड़ता है और उन्हें आउटर पर रोकना पड़ता है. तीसरी लाइन बन जाने से ट्रेनों को एक नया और साफ रास्ता (रेल पाथ) मिल जाएगा, जिससे न केवल ट्रेनों की लेत-लतीफी (पंक्चुअलिटी) में सुधार होगा, बल्कि उनकी रफ्तार भी बढ़ सकेगी.
इस पूरी योजना पर करीब 7 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है. जानकारों के मुताबिक, भौगोलिक स्थिति के आधार पर एक किलोमीटर लंबी पटरी बिछाने में लगभग 12 से 15 करोड़ रुपये की लागत आती है. इस बजट में ट्रैक बिछाने के अलावा आधुनिक सिग्नलिंग, ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन और जरूरी रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के काम भी शामिल होंगे.
पश्चिम मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ. मधुर वर्मा के अनुसार, सर्वे पूरा होते ही इस दिशा में आगे का कदम उठाया जाएगा. तीसरी लाइन के शुरू होने से जबलपुर समेत पूरे क्षेत्र को जबरदस्त फायदा मिलेगा. यात्री ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी ही, साथ ही मालगाड़ियों को भी बिना वजह लंबे समय तक नहीं रोकना पड़ेगा. इससे माल ढुलाई तेज होगी, जिससे इलाके की औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी नया बढ़ावा मिलेगा.









