डेस्क। मध्य प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में करीब 8 साल बाद छात्र संघ चुनाव होने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सितंबर 2026 में छात्र संघ चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि छात्र संघ का गठन चुनाव के जरिए ही किया जाए। इसके साथ ही लंबे समय से लंबित इस मामले का भी निपटारा हो गया है। अब प्रदेश के कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति एक बार फिर सक्रिय होती नजर आएगी।
हाईकोर्ट में पेश हुआ अकादमिक कैलेंडर
सुनवाई के दौरान उच्च शिक्षा विभाग ने वर्ष 2026-27 का अकादमिक कैलेंडर हाईकोर्ट में पेश किया। कैलेंडर में पढ़ाई, परीक्षाएं, अवकाश और अन्य गतिविधियों के साथ सितंबर 2026 में छात्र संघ चुनाव का कार्यक्रम भी शामिल किया गया है। कैलेंडर देखने के बाद हाईकोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर लिया और निर्देश दिया कि तय कार्यक्रम के अनुसार चुनाव कराए जाएं।
सितंबर में चुनाव, नवंबर तक पूरी होंगी छात्र गतिविधियां
उच्च शिक्षा विभाग के कैलेंडर के अनुसार जुलाई में प्रवेश उत्सव आयोजित होगा। इसके बाद सितंबर में छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे।
वहीं नवंबर 2026 तक खेलकूद प्रतियोगिताएं, एनसीसी, एनएसएस, युवा उत्सव और अन्य छात्र गतिविधियां पूरी कर ली जाएंगी। फरवरी 2027 के पहले सप्ताह में स्नेह सम्मेलन, वार्षिकोत्सव, पुरस्कार वितरण और वार्षिक पत्रिका का प्रकाशन प्रस्तावित है।

पढ़ाई और परीक्षा का पूरा शेड्यूल जारी
अकादमिक कैलेंडर के अनुसार पीजी प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की कक्षाएं 1 जुलाई से 12 नवंबर 2026 तक चलेंगी।
- इंटरनल परीक्षा: अगस्त के पहले सप्ताह से सितंबर के अंतिम सप्ताह तक
- प्रायोगिक परीक्षा: 20 अक्टूबर से 5 नवंबर
- सेमेस्टर परीक्षा: 18 नवंबर से 10 दिसंबर
- परिणाम: 31 दिसंबर 2026 तक
वहीं दूसरे और चौथे सेमेस्टर की पढ़ाई दिसंबर 2026 से अप्रैल 2027 तक चलेगी और अंतिम परिणाम जून 2027 तक जारी किए जाएंगे।
जरूरत पड़े तो पुलिस सुरक्षा लें, चुनाव नहीं रुकेंगे
सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि छात्र संघ चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि आवश्यकता होने पर पुलिस सुरक्षा ली जा सकती है, लेकिन इस आधार पर चुनाव नहीं रोके जा सकते।
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