भोपाल। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ई-अटेंडेंस को लेकर सख्त रुख अपनाया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन स्कूलों में शिक्षक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं कर रहे हैं और इसके बावजूद वेतन बिल आगे बढ़ाए गए हैं, वहां संबंधित संकुल प्राचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में 1 जुलाई 2026 को लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह के हस्ताक्षर से आदेश जारी किया गया है।
100% ई-अटेंडेंस नहीं तो संकुल प्राचार्य होंगे जिम्मेदार
जारी निर्देश में प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) से कहा गया है कि जिन स्कूलों में शिक्षकों की 100 प्रतिशत ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो रही है, वहां जिम्मेदार संकुल प्राचार्यों के निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जाए। विभाग का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों की है।
2 जुलाई तक मांगी गई कार्रवाई रिपोर्ट
आयुक्त अभिषेक सिंह ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालकों को निर्देश दिए हैं कि संकुल प्राचार्यों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 2 जुलाई 2026 तक संचालनालय को भेजी जाए।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं की गई, तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और संभागीय संयुक्त संचालक (JD) के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
1 जुलाई से कार्यालयों में भी ई-अटेंडेंस अनिवार्य
लोक शिक्षण संचालनालय ने इससे पहले 22 जून 2026 को एक अलग आदेश जारी कर 1 जुलाई से स्कूल शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों और संस्थानों में भी ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी थी। विभाग ने सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित रूप से डिजिटल उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
ये खबर भी पढ़ें..









