प्रदेश में तबादलों को लेकर हलचल तेज हो गई है और प्रशासनिक गलियारों में इसकी चर्चा खुलकर होने लगी है. सरकार अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर फोकस कर रही है जो लंबे समय से एक ही जिले या विभाग में जमे हुए हैं. खासतौर पर राजस्व और पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी मानी जा रही है. विभागों ने ऐसे अधिकारियों की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है जो तीन साल या उससे ज्यादा समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं. इस प्रक्रिया में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी जैसे कई अधिकारी प्रभावित हो सकते हैं.
नेताओं और जनप्रतिनिधियों के यहां सिफारिशों का दौर भी शुरू
सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार जल्द ही नई तबादला नीति लागू कर सकती है. हालांकि आधिकारिक घोषणा से पहले ही विभागीय स्तर पर गतिविधियां बढ़ गई हैं. कई अधिकारी अपनी पसंद के जिलों में पोस्टिंग पाने के लिए राजनीतिक संपर्क मजबूत करने में लगे हुए हैं. नेताओं और जनप्रतिनिधियों के यहां सिफारिशों का दौर भी शुरू हो चुका है. राजधानी भोपाल से लेकर जिला मुख्यालयों तक तबादलों को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं.
कहां होगा ट्रांसफर
सबसे ज्यादा फेरबदल राजस्व विभाग में होने की संभावना जताई जा रही है. लंबे समय से एक ही क्षेत्र में काम कर रहे अधिकारियों को हटाने की तैयारी चल रही है. वहीं पुलिस विभाग में भी थाना प्रभारियों, एसडीओपी और अन्य अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है. सरकार इस बार कानून व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर बदलाव कर सकती है.
जिला प्रभारी मंत्रियों की भूमिका काफी अहम
जानकारी के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रभारी मंत्रियों की भूमिका काफी अहम रहने वाली है. जिलों में पदस्थापना और तबादलों को लेकर उनकी राय को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है. यही कारण है कि अधिकारी और कर्मचारी संगठन भी सक्रिय हो गए हैं. कुछ कर्मचारी अपने तबादले रुकवाने के लिए राजनीतिक समर्थन तलाश रहे हैं, जबकि कई अधिकारी मनचाही जगह पर पदस्थापना पाने के प्रयासों में जुटे हैं.दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग में फिलहाल शिक्षकों को राहत मिलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं. प्रदेश में चल रही जनगणना और अन्य सरकारी कार्यों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगी हुई है. ऐसे में संभावना है कि जनगणना का काम पूरा होने तक शिक्षकों के तबादले टाले जा सकते हैं. हालांकि शिक्षा विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर अलग से फैसला लिया जा सकता है.
प्रशासनिक माहौल भी गर्माने लगा
तबादलों की बढ़ती चर्चाओं के बीच जिलों का प्रशासनिक माहौल भी गर्माने लगा है. कई अधिकारी संभावित बदलाव को देखते हुए अपने लंबित कार्य तेजी से निपटाने में लगे हैं. कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि इस बार तबादला प्रक्रिया में सख्ती और पारदर्शिता दोनों देखने को मिल सकती हैं. शासन स्तर पर तैयारियां लगभग अंतिम चरण में बताई जा रही हैं और आने वाले दिनों में बड़ी तबादला सूची जारी होने की संभावना है.
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