उज्जैन जिले में करीब 2.80 लाख राशन कार्ड धारकों का बायोमेट्रिक लॉक हो गया है. ऐसे लाभार्थियों को अब सरकारी राशन लेने से पहले री-ईकेवाईसी कराना अनिवार्य होगा.
उज्जैन जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से राशन लेने वाले लाखों लोगों के लिए जरूरी खबर है. जिले के करीब 2.80 लाख हितग्राहियों का बायोमेट्रिक लॉक हो गया है. ऐसे में अब उन्हें कंट्रोल की दुकान से राशन लेने के लिए पहले री-ईकेवाईसी करानी होगी. जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक उन्हें राशन नहीं मिल सकेगा.
जानकारी के मुताबिक, जिन लोगों ने पिछले करीब पांच साल से बायोमेट्रिक सत्यापन का इस्तेमाल नहीं किया या जिनके आधार कार्ड में बदलाव हुआ है, उनके रिकॉर्ड में यह समस्या सामने आई है. इसी वजह से दोबारा पहचान सत्यापन जरूरी हो गया है.
प्रशासन ने तेज किया री-ईकेवाईसी अभियान
जिला प्रशासन ने इस समस्या को देखते हुए री-ईकेवाईसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अब कंट्रोल की दुकानों पर लगी पीओएस मशीनों के जरिए हितग्राहियों का दोबारा सत्यापन किया जा रहा है. अब तक 15 हजार से ज्यादा लोगों की री-ईकेवाईसी पूरी हो चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि जुलाई महीने के दौरान बाकी सभी पात्र लोगों का सत्यापन भी पूरा कर लिया जाएगा.
राशन वितरण के साथ चल रही प्रक्रिया
1 जुलाई से जिले में इस महीने के राशन का वितरण शुरू हो चुका है. इसी दौरान जिन लोगों का बायोमेट्रिक लॉक मिला है, उन्हें पहले री-ईकेवाईसी कराने के लिए कहा जा रहा है. इसके बाद ही उन्हें राशन उपलब्ध कराया जाएगा. प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी पात्र व्यक्ति को लंबे समय तक राशन से वंचित न रहना पड़े.
जिले में 12.20 लाख लोग लेते हैं राशन
उज्जैन जिले में करीब 12.20 लाख लोग सरकारी राशन योजना का लाभ लेते हैं. इनमें से 2.80 लाख से ज्यादा हितग्राहियों का बायोमेट्रिक लॉक होने का मामला सामने आया है. प्रशासन को उम्मीद है कि समय पर री-ईकेवाईसी पूरी होने के बाद सभी लोगों को फिर से बिना किसी परेशानी के राशन मिलना शुरू हो जाएगा. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी री-ईकेवाईसी प्रक्रिया पूरी करा लें ताकि राशन वितरण में किसी तरह की दिक्कत न आए.









