मध्य प्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज होने के आसार हैं. मौसम को लेकर प्रशासन ने 3 सितंबर के लिए कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. राहत आयुक्त, मध्यप्रदेश की ओर से 2 सितंबर को जारी वायरलेस संदेश में छतरपुर जिले के लिए खास तौर पर गंभीर चेतावनी दी गई है. जिले में 3 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक कुछ स्थानों पर 115.6 से 204.4 मिमी तक अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है.
इन जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग और प्रशासन की चेतावनी के अनुसार मऊगंज, रीवा, सतना, सीधी, कटनी, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर और मैहर में बहुत भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम बिगड़ने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
वहीं विदिशा, नर्मदापुरम, रायसेन, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, मंडला, दमोह, सागर और टीकमगढ़ में भी भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है.
तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का भी खतरा
बारिश के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक की स्थिति बनने की आशंका है. इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. इसके अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
लगातार तेज बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या सामने आ सकती है. इससे सड़क यातायात और दूसरे क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की संभावना भी जताई गई है. ऐसे में लोगों को जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है.
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
मौसम की गंभीर चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम लोगों से सावधानी बरतने को कहा है. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और बारिश या तेज आंधी के दौरान सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है.
प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और स्थानीय स्तर पर जारी होने वाली चेतावनियों का पालन करने की अपील की है. खासकर जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने को कहा गया है.
बिजली चमकने पर इन बातों का रखें ध्यान
आकाशीय बिजली की आशंका के दौरान खुले मैदान या अन्य खुले स्थानों पर खड़े रहना खतरनाक हो सकता है. ऐसे समय में पेड़, बिजली के खंभे और अन्य ऊंची या खुली संरचनाओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है.
तेज बारिश और हवाओं के दौरान घर या किसी सुरक्षित इमारत के अंदर रहना बेहतर है. मौसम साफ होने तक बाहर निकलने से बचें और लगातार बदलते मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखें.









