मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अब ज्यादा दूर नहीं है, लेकिन लोगों को इसके लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 20 से 23 जून के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में प्रवेश कर सकता है. हालांकि मानसून आने से पहले ही प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग जिलों में बादल, गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है.
30 जिलों में येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 30 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है. विभाग के अनुसार कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. अलर्ट वाले जिलों में जबलपुर, सागर, रतलाम, नर्मदापुरम, विदिशा, कटनी, हरदा, खंडवा, शाजापुर, खरगोन, मंदसौर, बड़वानी, अलीराजपुर, आगर-मालवा, झाबुआ, धार, नीमच, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, दमोह, बैतूल, नरसिंहपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, छिंदवाड़ा, बालाघाट और सिवनी शामिल हैं. कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की जा सकती है.
कई संभागों में हुई बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला. भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई. वहीं कुछ जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा. दूसरी ओर बालाघाट और रतलाम जैसे इलाकों में गर्म हवाओं का असर भी महसूस किया गया. तापमान की बात करें तो छतरपुर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. जबकि पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.
साइक्लोनिक सिस्टम से बढ़ी बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है. इसके साथ ही मध्य प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. यही कारण है कि बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है और कई जिलों में बारिश की स्थिति बन रही है. जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर और शाम के समय मौसम अचानक बदल सकता है. यहां गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना अधिक बताई गई है.
मौसम विभाग की जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें. बिजली चमकने के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखें. तेज आंधी की स्थिति में वाहन सावधानी से चलाएं और गति नियंत्रित रखें. साथ ही बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है और मानसून की दस्तक के साथ बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं.









