भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है। प्रदेश के कई जिलों में दिन और रात दोनों समय तापमान बढ़ने से लोगों को अप्रैल-मई जैसी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 18 जुलाई से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश कम होने से बढ़ी गर्मी
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 16 जुलाई 2026 तक मध्यप्रदेश में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश 26 प्रतिशत कम रही, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में 2 प्रतिशत की कमी रिकॉर्ड की गई।
खजुराहो सबसे गर्म, ग्वालियर दूसरे स्थान पर
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान छतरपुर जिले के खजुराहो में 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद ग्वालियर में 38 डिग्री, दतिया में 37.2 डिग्री, सतना में 36.7 डिग्री और श्योपुर में 36.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।
वहीं प्रमुख शहरों में भोपाल का तापमान 32.2 डिग्री, इंदौर 34 डिग्री, उज्जैन 35 डिग्री, जबलपुर 35.3 डिग्री, नर्मदापुरम 35.4 डिग्री, रीवा 35.7 डिग्री और सागर 34.7 डिग्री दर्ज किया गया।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार 17 जुलाई को बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 18 जुलाई को अनूपपुर, सीधी और मऊगंज, 19 जुलाई को सागर, पन्ना और कटनी तथा 20 जुलाई को कटनी और सतना में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
18 जुलाई से तापमान में आ सकती है गिरावट
भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट के पास बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसका असर पूर्वी मध्यप्रदेश में हल्की बारिश के रूप में देखने को मिलेगा। इसके चलते 18 जुलाई से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है।
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