भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश सरकार अनाथ और निराश्रित बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना संचालित कर रही है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उन्हें पढ़ाई जारी रखने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए जरूरी सहयोग मिल सके। योजना में 18 वर्ष से कम उम्र के पात्र अनाथ बच्चों को प्रतिमाह 4 हजार रुपए की सहायता देने का प्रावधान है।
बालिग होने पर भी मिल रही मदद
18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने या व्यावसायिक प्रशिक्षण लेने वाले पात्र युवाओं को 24 वर्ष की उम्र तक हर महीने 5 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। इस सहायता का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनकी शिक्षा और कौशल विकास में सहयोग करना है।
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मुफ्त इलाज और इंटर्नशिप का भी लाभ
मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता के अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ भी दिया जाता है। इसके तहत आयुष्मान कार्ड के माध्यम से मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके साथ ही पात्र युवाओं को इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड भी दिया जाता है, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और भविष्य में रोजगार के अवसर तलाशने में मदद मिल सके।
अनाथ बच्चों को मिल रहा संबल
सरकार की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य अनाथ और निराश्रित बच्चों को आर्थिक संबल प्रदान करना, उनकी पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को कम करना और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है। एक परिवार की तरह का वातावरण देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी कोशिश कर रही है, ताकि प्रदेश का कोई भी अनाथ और निराश्रित बच्चा अपने-आप को अलग ना समझे।
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